नई कार जब लाएं तो सस्ता कर्ज भी ले जाएं

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:57 PM IST

त्योहार चल रहे हैं और मारुति सुजूकी, टाटा मोटर्स, ह्युंडै मोटर्स, होंडा कार्स जैसी वाहन कंपनियां खरीदारों के लिए छूट और कई तरह के दूसरे फायदे तथा तोहफे लेकर आई हैं। पिछले साल दीवाली पर भी अच्छी छूट दी गई थी मगर इतनी लुभावनी नहीं थी। जानकारों को कहना है कि इस बार छूट और ऑफर्स पिछले साल से कुछ बेहतर हैं।
 इस समय बाजार में तीन तरह की कारें हैं – पहली वे कारें, जिनका वेटिंग पीरियड बहुत अधिक है यानी जिनके लिए ग्राहकों को बहुत लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। उसके बाद दूसरी जमात में बाजार में आई नई कारें हैं और तीसरी श्रेणी उन कारों की है, जो बाजार में पहले से ही मौजूद हैं और जिनके लिए बहुत लंबा इंतजार नहीं करना पड़ रहा है। ऑटोमोटिव अनुसंधान फर्म जैटो डायनमिक्स के प्रेसिडेंट और निदेशक रवि भाटिया कहते हैं, ‘पहले से बिक रहे मॉडलों पर काफी अच्छा सौदा मिल रहा है और उन्हें घर लाने के लिए लंबा इंतजार भी नहीं करना पड़ रहा है।’ इस साल कुछ मॉडलों पर छूट 5 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो गई है।

देखिए छूट से परे

छूट तो मिल ही रही है, उसके साथ आपको एक्सचेंज ऑफर, मुफ्त वारंटी, मुफ्त एक्सेसरीज और मुफ्त बीमा पाने की भी कोशिश करनी चाहिए। जो मॉडल बहुत लोकप्रिय नहीं हैं, उन पर काफी तगड़ी छूट मिल रही है। फ्लैशलाइन मल्टी प्रॉडक्ट्स इंडिया के वाहन विशेषज्ञ और निदेशक हेमंत दलवी का कहना है, ‘जिन वाहनों में मेटलिक रंग हैं, वे नॉन-मेटलिक रंग वाली कारों के मुकाबले महंगे बिकते हैं।’ दोनों की कीमत में 20,000 रुपये तक का फर्क हो सकता है।
 जिन मॉडलों की रीसेल वैल्यू ज्यादा है यानी जिन्हें इस्तेमाल के बाद बेचने पर अधिक कीमत मिल सकती है तो उन्हें खरीदने पर आपको अगली कार खरीदने पर कम खर्च करना पड़ेगा। दलवी कहते हैं, ‘आम तौर पर मारुति, होंडा और ह्युंडै के वाहनों की रीसेल वैल्यू ज्यादा होती है। मिसाल के तौर पर अच्छी तरह रखी और संभाली गई मारुति डिजायर 10 साल पुरानी भी हो तो आधी कीमत पर बिक सकती है।’ बेहतर सौदा पाना है तो कई डीलरों के पास जाना चाहिए।

दलवी समझाते हैं, ‘हरेक डीलरशिप पर अलग-अलग किस्म के ऑफर्स होते हैं। इसलिए कई जगह घूमिए। यह भी याद रखें कि कार कंपनी जो छूट देती हैं वह तो आपको मिलती ही है, डीलर उसके अलावा भी छूट दे सकते हैं।’ इसलिए दलवी की सलाह है कि डीलरों से बातचीत की जाए और अच्छा मोलभाव किया जाए। कम से कम तीन साल की मुफ्त वारंटी और मुफ्त बीमा तो आपको मिल ही सकता है।
 अगर आपके पास पुरानी कार है तो आप उसका भी समझदारी भरा इस्तेमाल कर सकते हैं। दलवी का कहना है कि अपनी पुरानी कार एक्सचेंज में मत दीजिए। अगर आप उसे सेकंड हैंड कार के बाजार में बेचेंगे तो आपको बेहतर कीमत मिल सकती है।

 कैसे सस्ता करें कर्ज

कार खरीदते समय अच्छा सौदा पाना है तो आपको कार लोन पर भी अच्छा मोलभाव करना चाहिए। इसमें पहला विकल्प तो यह है कि जिस बैंक में आपका खाता है, उससे कार लोन पहले ही मंजूर करा लें और उस प्री-अप्रूव्ड लोन के साथ कार खरीदने पहुंच जाएं। एंड्रोमेडा लोन्स और अपनापैसा डॉट कॉम के कार्यकारी चेयरमैन वी स्वामीनाथन कहते हैं, ‘यदि आप प्री-अप्रूव्ड लोन के लिए कोशिश करते हैं तो आपको कम से कम कागजी कार्रवाई और सत्यापन के साथ कर्ज मिल सकता है। अगर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी रही है तो आपके लिए ब्याज की दर भी कम हो सकती है।’
 यदि आप किसी नए बैंक के पास कर्ज मांगने जाते हैं तो आपको ज्यादा कागज देने पड़ सकते हैं और सत्यापन यानी वेरिफिकेशन में भी ज्यादा समय लग सकता है, लेकिन उस सूरत में आपके पास ज्यादा विकल्प होंगे। स्वामीनाथन का कहना है, ‘अगर आपके पास वक्त कम है और जरूरी कागज इकट्ठे करने में आपको दिक्कत हो रही हो तो प्री-अप्रूव्ड लोन की ही कोशिश करनी चाहिए। दूसरी ओर यदि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अच्छी है और आप सभी उपलब्ध विकल्प देखना चाहते हैं तो आपको प्रतिष्ठित ऋणदाता संस्था के पास ही जाना चाहिए।’

 ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर ब्याज दर की तुलना करें और आपको जो भी सबसे सस्ता कर्ज मिल रहा हो, उसी को चुनें। याद रखें कि एक ही बैंक के भीतर अलग-अलग मॉडल के लिए ब्याज की दर भी अलग-अलग हो सकती हैं। अगर आप चाहते हैं कि कर्ज आपके लिए सस्ता पड़े तो कर्ज की अवधि कम रखिए।

 डीलरशिप पर आवेदन करेंगे तो आपको कर्ज जल्दी और आसानी से मिल जाएगा मगर यह महंगा भी पड़ेगा। बैंकबाजार डॉट कॉम के मुख्य कार्य अधिकारी आदिल शेट्टी कहते हैं, ‘इस तरह के कर्ज पर डीलरों को अमूमन 4.5 फीसदी कमीशन मिल जाता है। इससे कर्ज आप ही के लिए महंगा हो जाएगा। डीलरशिप पर बैठे लोन एजेंटों से तब तक दूर रहें, जब तक आपको अच्छी खासी छूट या मुफ्त एक्सेसरीज न मिल रहे हों।’

 लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर जांच लीजिए। शेट्टी कहते हैं, ‘क्रेडिट स्कोर का ब्याज दर पर सीधा असर पड़ता है। अगर आपका क्रेडिट स्कोर नहीं है या कम है तो आपको ऊंची ब्याज दर चुकानी पड़ सकती है।’ अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो आप ब्याज दर के मामले में अच्छा मोलभाव कर सकते हैं।

अगर आपने कर्ज की मियाद पूरी होने से पहले ही कर्ज चुकाने यानी प्री-पेमेंट के बारे में सोचा है तो ऐसे बैंक से कर्ज लें जो प्री-पेमेंट पर जुर्माना नहीं लेता हो।

 

First Published : October 9, 2022 | 9:32 PM IST