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Himachal Pradesh की 14 सरकारी कंपनियां घाटे में, सड़क परिवहन निगम का सबसे बुरा हाल

एचपी बिजली निगम में 689.24 करोड़ रुपये का घाटा हुआ तो एचपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में 372.59 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।

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भाषा   
Last Updated- February 17, 2024 | 7:00 PM IST

Himachal Pradesh Budget 2024: हिमाचल प्रदेश में 31 मार्च, 2023 तक सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (PSU) का संचयी घाटा 5,143.46 करोड़ रुपये था।

प्रदेश सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसी 23 इकाइयों में 14 घाटे में थीं। अगले वित्त वर्ष के लिए वार्षिक बजट की प्रस्तुति के दौरान शनिवार को राज्य विधानसभा में सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों पर रिपोर्ट पेश की गई।

हिमाचल सड़क परिवहन निगम वित्त वर्ष 2022-23 में 1,966.13 करोड़ रुपये के घाटे के साथ सूची में शीर्ष पर है। इसके बाद हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड है, जिसे 1,823.97 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

एचपी बिजली निगम में 689.24 करोड़ रुपये का घाटा

एचपी बिजली निगम में 689.24 करोड़ रुपये का घाटा हुआ तो एचपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में 372.59 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। बीते वित्त वर्ष में एचपी हिमाचल वित्तीय निगम का घाटा 184.83 करोड़ रुपये, एचपी पर्यटन विकास निगम का घाटा 12,663 करोड़ रुपये, राज्य वन निगम का घाटा 98.21 करोड़ रुपये और हिमाचल बागवानी उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) का घाटा 91.20 करोड़ रुपये रहा।

वित्त वर्ष 2022-23 में हिमाचल प्रदेश औद्योगिक विकास निगम 108.44 करोड़ रुपये के लाभ के साथ शीर्ष लाभ कमाने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में से एक था। इसके बाद पूर्व सैनिक निगम ने 82.78 करोड़ रुपये और सामान्य उद्योग निगम ने 44.37 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

First Published : February 17, 2024 | 7:00 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)