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गन्ने का FRP 25 रुपये बढ़ाकर 340 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी

यह 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी मोदी सरकार द्वारा की गई सबसे अधिक बढ़ोतरी है।

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भाषा   
Last Updated- February 21, 2024 | 11:13 PM IST

सरकार ने बुधवार को 2024-25 सत्र के लिए गन्ने का एफआरपी 25 रुपये बढ़ाकर 340 रुपये प्रति क्विंटल करने की मंजूरी दी। गन्ने का नया सत्र अक्टूबर से शुरू होता है। उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) वह न्यूनतम मूल्य है जो मिलों को गन्ना उत्पादकों को चुकानी पड़ती है।

गन्ने की एफआरपी बढ़ाने का फैसला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में लिया गया। यह 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी मोदी सरकार द्वारा की गई सबसे अधिक बढ़ोतरी है। यह कदम आम चुनाव से पहले उठाया गया है।

गन्ना मुख्य रूप से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में उगाया जाता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं से कहा, “गन्ना किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने चीनी सत्र 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) को 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर के लिए 340 रुपये प्रति क्विंटल पर मंजूरी दे दी है।”

First Published : February 21, 2024 | 11:13 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)