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पदभार संभालते ही अर्जुन राम मेघवाल ने लिया बड़ा फैसला, BJP के घोषणापत्र का वादा किया पूरा

मेघवाल ने राष्ट्रीय वाद विवाद नीति (National Litigation Policy) को मंजूरी दे दी, जिसका लक्ष्य उन मामलों को तेजी से सुलझाना है जिनमें सरकार पक्षकार है

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- June 11, 2024 | 3:47 PM IST

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को दूसरी बार पदभार संभालने के बाद कहा कि 1 जुलाई से लागू होने वाले नए कानूनों के बारे में लोगों और सभी संबंधित पक्षों को जागरूक करना कानून मंत्रालय की प्राथमिकता होगी।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने यह भी बताया कि ‘एक देश, एक चुनाव’ समिति की सिफारिशों को लागू करने पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

मेघवाल ने राष्ट्रीय वाद विवाद नीति को मंजूरी दे दी

पदभार संभालने के बाद अपने पहले फैसले में, मेघवाल ने राष्ट्रीय वाद विवाद नीति (National Litigation Policy) को मंजूरी दे दी, जिसका लक्ष्य उन मामलों को तेजी से सुलझाना है जिनमें सरकार पक्षकार है और अदालतों पर बोझ कम करना है। यह लंबे समय से लंबित नीति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र का हिस्सा थी। सूत्रों का कहना है कि यह नीति अब कैबिनेट को भेजी जाएगी।

समान नागरिक संहिता (UCC) के बारे में पूछे जाने पर, मेघवाल ने इसके कार्यान्वयन पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने कहा कि यह भाजपा के एजेंडे का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अदालतों में लंबित मामलों और रिक्त पदों दोनों पर फास्ट-ट्रैक किया जाएगा।

संसदीय मामलों के राज्य मंत्री के रूप में भी काम करने वाले अर्जुन राम मेघवाल को सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान मई 2023 में कानून मंत्री नियुक्त किया गया था। बीकानेर से सांसद अर्जुन राम ने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार गोविंद राम मेघवाल को 55,711 मतों के अंतर से हराया।

अर्जुन राम मेघवाल एक पूर्व आईएएस अधिकारी हैं, उन्होंने समय से पहले रिटायरमेंट ले ली थी और राजस्थान में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के साथ टकराव के बाद 2009 में भाजपा के टिकट पर राजस्थान की बीकानेर सीट के लिए चुनाव लड़ा।

First Published : June 11, 2024 | 3:31 PM IST