Atal Bihar Vajpayee birth anniversary
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए सोमवार को कहा कि उन्होंने परमाणु परीक्षणों एवं करगिल युद्ध के जरिए दुनिया को उभरते भारत की ताकत से अवगत कराया।
शाह ने जाने माने शिक्षाविद और समाज सुधारक पंडित मदन मोहन मालवीय को भी उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि दी। गृह मंत्री ने कहा कि वाजपेयी ने समाज की निस्वार्थ सेवा की और देश उनके विराट योगदान को हमेशा याद रखेगा।
शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर उनका स्मरण कर उन्हें नमन करता हूं। अटल जी ने निःस्वार्थ भाव से देश व समाज की सेवा की और भाजपा की स्थापना के माध्यम से देश में राष्ट्रवादी राजनीति को नई दिशा दी।’’ उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने जहां एक ओर परमाणु परीक्षण और करगिल युद्ध में विश्व को उभरते भारत की शक्ति का एहसास करवाया, तो वहीं दूसरी ओर देश में सुशासन की परिकल्पना को चरितार्थ किया।
वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को हुआ था और 16 अगस्त 2018 को उनका निधन हुआ। शाह ने मालवीय को याद करते हुए कहा कि एक व्यक्ति अपना जीवन राष्ट्र, संस्कृति और युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए कैसे समर्पित कर सकता है, इसका उत्कृष्ट उदाहरण पं. मदन मोहन मालवीय जी हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मालवीय जी मानते थे कि युवाओं में राष्ट्रीयता के संस्कारों को सींचकर ही एक सबल राष्ट्र का निर्माण संभव है। देश की स्वतंत्रता और सशक्त शिक्षा व्यवस्था में उनके योगदान के कारण उन्हें ‘महामना’ की उपाधि दी गई। भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर उन्हें कोटिशः वंदन।’’
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापकों में शामिल मालवीय का जन्म 25 दिसंबर, 1861 को हुआ था और 12 नवंबर 1946 को उनका निधन हुआ।