Bengaluru cafe blast
Bengaluru Blast: बेंगलुरु में रामेश्वरम कैफे में 1 मार्च को हुए बम धमाके में बड़ा खुलासा हुआ है। धमाके को अंजाम देने वाले की CCTV की मदद से पहचान कर ली गई है। इसकी जानकारी कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने मीडिया को दी।
उन्होंने बताया कि CCTV फुटेज के जरिए एक आरोपी की पहचान की गई है, जिसकी उम्र लगभग 28 से 30 साल के बीच में होगी।
डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने बताया कि यह शख्स कैफे में रवा इडली का ऑर्डर देने के बहाने से कैफे में आया। इसके बाद, एक बैग को कैफे के सामने एक पेड़ के नजदीक रखकर चला गया। बैग रखे जाने के लगभग एक घंटे बाद यह धमाका हुआ जिसमें 10 लोग घायल हो गए हैं।
मामले की जांच कर रही पुलिस की टीम के अनुसार, रेस्तरां में एक ‘‘ग्राहक’’ ने हाथ धोने की जगह के पास एक बैग छोड़ा जिसमें टाइमर लगे आईईडी में विस्फोट हुआ। सूत्रों ने बताया कि बैग पकड़े संदिग्ध ने अपनी पहचान छिपाने के लिए टोपी और मास्क पहन रखा था।
डिप्टी सीएम ने मीडिया को जानकारी दी कि इस धमाका कम तीव्रता का था। आरोपी ने एक घंटे बाद बम धमाका होने का टाइमर सेट किया था।
उन्होंने जानकारी दी कि इस मामले की जांच सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) कर रही है।
शिवकुमार ने लोगों से न घबराने को कहा और बताया कि इस मामले को लेकर अन्य एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है।
खबरों के मुताबिक, पुलिस द्वारा की गई जांच में यह पता चला है कि उस बैग के अलावा और कहीं आईईडी नहीं मिला। इसके अलावा, यह घटना आतंकी थी या नहीं इसको लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ब्रुकफील्ड क्षेत्र के रामेश्वरम कैफे और आसपास के सीसीटीवी कैमरों से संदिग्ध आरोपी की गतिविधियों की तस्वीरें मिली हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि जो सुराग मिले हैं, उनकी मदद से हम अपराधी को पकड़ लेंगे।’’
सूत्रों ने बताया कि जांच दल शुक्रवार को हुए विस्फोट और नवंबर 2022 में मंगलुरु कुकर विस्फोट के बीच समानताओं पर गौर कर रहा है। इस बीच, मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने विस्फोट के मद्देनजर शनिवार को गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने जांच शुरू कर दी है और इसके लिए सात से आठ दलों का गठन किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि घायल लोग खतरे से बाहर हैं। बेंगलुरु पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ता, ‘एंटी सबोटाज’ (विध्वंसक गतिविधि रोधी) दल और फोरेंसिक विश्लेषकों ने जांच करने और नमूने एकत्र करने के लिए घटनास्थल का दौरा किया।’’