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केंद्र सरकार ने भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (सर्ट-इन) को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के दायरे से छूट दे दी है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाला सर्ट-इन कंप्यूटर सुरक्षा से संबंधित राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है। इसे साइबर सुरक्षा घटनाओं से निपटने के लिए आपातकालीन उपाय करने के अलावा उनकी रोकथाम के लिए दिशानिर्देश और सलाह जारी करने का भी काम सौंपा गया है।
कार्मिक मंत्रालय की 23 नवंबर की एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, मंत्रालय ने आरटीआई अधिनियम की धारा 24 में संशोधन किया है और सर्ट-इन को पारदर्शिता कानून के दायरे से छूट प्राप्त संगठनों की सूची में डाल दिया है।
पहले से ही 26 खुफिया और सुरक्षा संगठन हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से संबंधित मामलों को छोड़कर आरटीआई अधिनियम के तहत जानकारी प्रदान करने से छूट दी गई है।
अधिसूचना के अनुसार, आरटीआई अधिनियम के तहत छूट प्राप्त संगठनों की सूची में सर्ट-इन को 27वें स्थान पर रखा गया है।