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Delhi Police: 100 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने पकड़ा किडनैपर, सात साल के बच्चे को बचाया

वीरू ने अपने परिवार के साथ पुराने हिसाब चुकाने और उनसे पैसे ऐंठने के लिए अपहरण किया था।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- March 20, 2024 | 10:21 AM IST

दिल्ली पुलिस की 24 सदस्यों की एक टीम ने 5 दिनों तक पीछा करने के बाद एक किडनैपर को पकड़ लिया। किडनैपर वीरेश उर्फ वीरू (46) ने 13 मार्च को पूर्वोत्तर दिल्ली के दयालपुर में अपने एक पड़ोसी के 7 साल के बच्चे का अपहरण कर लिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, खेतों, मंदिरों और ढाबों में डेरा डाला, स्थानीय मुखबिरों का पता लगाया और घर-घर जाकर तलाशी ली।

पुलिस ने किडनैपर का 100 किलोमीटर तक पीछा किया

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक पुलिस ने पश्चिमी यूपी में वीरू का लगभग 100 किलोमीटर तक पीछा किया। अंत में, 18 मार्च को पुलिस ने वीरू को बुलन्दशहर और संभल के बीच एक रेलवे स्टेशन पर पकड़ लिया। बच्चे को बिना किसी नुकसान के बचा लिया गया और उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। वीरू ने अपने परिवार के साथ पुराने हिसाब चुकाने और उनसे पैसे ऐंठने के लिए अपहरण किया था।

वीरेश ने एक बच्चे को बहला-फुसलाकर अगवा किया

वीरेश ने एक बच्चे को बहला-फुसलाकर अगवा किया और उसके माता-पिता से फिरौती की मांग की। जब पुलिस ने उसका पीछा किया, तो वीरेश ने उसे राजगढ़ रेलवे स्टेशन पर ले जाने से पहले उसे डुबाने की कोशिश की और दूसरे राज्य में भागने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उसे घेर लिया और गिरफ्तार कर लिया। वीरेश पर फिरौती के लिए अपहरण और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।

बच्चे के लापता होने के कुछ घंटों बाद पुलिस को फिरौती के लिए फोन आया। इसके तुरंत बाद SHO अतुल त्यागी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने कार्रवाई शुरू की। इस दौरान सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी के माध्यम से पुलिस ने संदिग्ध की पहचान की। वीरेश की आखिरी लोकेशन संभल के एक मंदिर में पाई गई।

लोकल लोगों को बच्चे और किडनैपर की फोटो दिखाई गईं, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की टीम ने संभल में धर्मशालाओं और अलग-अलग मंदिरों की जांच की। मस्जिदों और मंदिरों में भी बच्चे के बारे में घोषणाएं की गईं। बाद में उन्हें बच्चे के राजगढ़ में होने की जानकारी मिली।

पुलिस ने किडनैपर को पकड़ा, बच्चे को सकुशल बचाया

टीम गांव पहुंची और सरपंच से संपर्क किया। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर घर-घर की तलाशी ली। एक गुप्त सूचना के आधार पर, कुछ पुलिसकर्मी लोकल रेलवे स्टेशन पहुंचे और वीरेश को वहां छिपा हुआ पाया। पुलिस को देखते ही उसने बच्चे को छोड़ दिया और भागने का प्रयास किया। हालांकि, पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

First Published : March 20, 2024 | 10:21 AM IST