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Delhi AQI Today: दिल्ली की एयर क्वालिटी लगातार गंभीर बनी हुई है। शनिवार को भी यह ‘गंभीर’ कैटेगरी में दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा की गति धीमी हो गई, जिससे पॉल्यूटेंट्स राजधानी के अंदर ही फंस गए। रविवार, 24 नवंबर को सुबह 6 बजे दिल्ली, नोएडा, मेरठ और गाजियाबाद में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, गुरुग्राम में AQI 491 रिकॉर्ड किया गया।
AQI कैटेगरी
AQI को 0-50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101-200 के बीच ‘मॉडरेट’, 201-300 के बीच ‘खराब’, 301-400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401-500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। गुरुवार को हवा की गति में वृद्धि के कारण राजधानी में “गंभीर” श्रेणी की 5 दिनों की चेन टूटी थी। हालांकि, शनिवार को फिर से यह 412 पर पहुंच गया, जो कि ‘गंभीर’ कैटेगरी में आता है। यह आंकड़ा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 24 घंटे के औसत डेटा पर आधारित है।
वजीरपुर सबसे प्रदूषित क्षेत्र
शनिवार को शाम 7 बजे तक दिल्ली का वजीरपुर 440 AQI के साथ सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्र रहा। अलीपुर, आनंद विहार, अशोक विहार, बवाना, चांदनी चौक, डीटीयू, द्वारका, जहांगीरपुरी, मंदिर मार्ग, नरेला, नेहरू नगर, पटपड़गंज, रोहिणी, पंजाबी बाग, वजीरपुर और मुंडका सहित 20 से अधिक मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया।
नोएडा के स्कूल ऑनलाइन, स्वास्थ्य पर असर
प्रदूषण के गंभीर स्तर को देखते हुए नोएडा के सभी स्कूल 27 नवंबर तक ऑनलाइन संचालित होंगे। AQI की ‘गंभीर’ श्रेणी में सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और खांसी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। खासतौर पर अस्थमा के मरीजों, बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को ज्यादा दिक्कत होती है। ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।