Water crisis in Delhi
Delhi Water Crisis: दिल्ली में जल संकट के चलते, जल मंत्री आतिशी ने क्विक रिस्पांस टीम को प्रमुख पाइपलाइनों की जांच करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि कहीं कोई रिसाव न हो।
ये टीमें, जिनमें अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट/उपमंडल मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी और तहसीलदार शामिल हैं, पानी के टैंकर उपलब्ध कराने और पानी से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए जिम्मेदार होंगे।
यह एक्शन तब लिया गया है जब सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से सवाल किया कि राष्ट्रीय राजधानी में “टैंकर माफिया” के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछे सवाल
बेंच ने कहा, “लोग परेशान हो रहे हैं, हम हर समाचार चैनल पर दृश्य देख रहे हैं। यदि गर्मियों में जल संकट एक आवर्ती समस्या है, तो आपने जल बर्बादी को नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय किए हैं?”
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और प्रसन्ना बी वराले की अवकाश पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि टैंकों को ओवरफ्लो होने और पानी बर्बाद होने से रोका जाए।
सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेतृत्व वाली राज्य सरकार टैंकरों से निपटने में असमर्थ है, तो इस मामले को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस को कहा जाएगा।
आतिशी ने दिया निर्देश
जल मंत्री आतिशी ने कहा, ”मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि ये टीमें जल स्रोतों से लेकर हमारे जल शोधन संयंत्रों तक और जल शोधन संयंत्रों से लेकर भूमिगत जलाशयों तक जल वितरण की निगरानी और निरीक्षण करेंगी।”
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उन्होंने 11 जून को लिखे पत्र में कहा, ”ये टीम पानी की अहम पाइपलाइनों का निरीक्षण करेंगी, जिससे यह पता चल सके कि किसी भी पाइपलाइन में कोई रिसाव न हो और यदि किसी पाइपलान में कहीं से रिसाव होता है तो उसे 12 घंटे के भीतर ठीक किया जाना चाहिए। जल संकट की इस स्थिति के समय में पानी की एक भी बूंद बर्बाद नहीं की जा सकती।” मंत्री आतिशी ने कहा कि त्वरित प्रतिक्रिया टीमों द्वारा किए गए सभी निरीक्षणों की दैनिक रिपोर्ट प्रतिदिन शाम पांच बजे तक उनके कार्यालय में प्रस्तुत की जाएगी।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”चूंकि दिल्ली में भीषण गर्मी के कारण जल संकट की स्थिति है, इसलिए पानी की बर्बादी रोकने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य जल वितरण की निगरानी के लिए एडीएम/एसडीएम की विशेष टीमें तैनात की गई हैं, ताकि पाइपलाइन में रिसाव के कारण पानी की बर्बादी न हो सके।”