प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने नेशनल हेराल्ड मामले में करोड़ों रुपये की संपत्ति को अस्थायी तौर पर कुर्क करने का आदेश जारी किया है। ED ने जिन संपत्तियों को अटैच किया है उसमें दिल्ली में नेशनल हेराल्ड हाउस, लखनऊ में नेहरू भवन और मुंबई में नेशनल हेराल्ड हाउस शामिल है।
ED ने बयान जारी करते हुए कहा कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) के पास भारत के कई शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में फैली अचल संपत्तियों के रूप में अपराध से प्राप्त रुपये की रकम है।
ED ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि PMLA, 2002 के तहत मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में 751.9 करोड़ रुपये की जांच की गई। जांच से पता चला कि AJL के पास 661.69 करोड़ और यंग इंडियन (YI) के पास AJL के इक्विटी शेयरों में निवेश के रूप में 90.21 करोड़ रुपये की अवैध आय है।
बता दें कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास यंग इंडियन कंपनी के 38-38 प्रतिशत शेयर हैं।
ED ने बयान जारी कर कहा कि प्रॉपर्टी का अटैचमेंट सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से पूछताछ और उनके द्वारा दिए गए बयान के आधार पर किया गया है।
ED की इस पूछताछ में कांग्रेस पार्टी के नेता पवन बंसल, डी.के. शिवकुमार (कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री) और उनके सांसद भाई डी.के. सुरेश भी शामिल थे। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में ED के आरोपपत्र दाखिल करने के बाद उन्हें पूछताछ के लिए फिर से बुलाया जा सकता है।
गौरतलब है कि इस केस में ED ने 3 अगस्त 2022 को दिल्ली की हेराल्ड बिल्डिंग में स्थित यंग इंडिया कंपनी का ऑफिस को सील कर दिया था।
नेशनल हेराल्ड की प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड है और इसका स्वामित्व यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने बयान जारी करते हुए कहा कि ED द्वारा AJL की संपत्तियों की कुर्की किए जाने की खबरें चल रहे विधानसभा चुनावों में सभी राज्यों में निश्चित हार से ध्यान हटाने की उनकी हताशा को दिखाती हैं।
उन्होंने कहा, ‘पैसों की कोई लेनदेन नहीं है। कथित अपराध से कोई आय नहीं हुई। यहां तक कि ऐसा कोई शिकायतकर्ता भी नहीं है जो यह दावा करता हो कि उसके साथ धोखा हुआ है: एक भी नहीं!’
राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने ED की कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि यह राजनीति में नया निचला स्तर है।
कांग्रेस के पूर्व नेता सिब्बल ने यह आरोप भी लगाया कि जांच एजेंसी कुछ ‘शक्तियों’ के इशारे पर काम कर रही है।
सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘यंग इंडियन (वाईआई), एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL)… ED ने AJL की 752 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। आरोप: AJLकी संपत्ति के मालिकाना हक रखने वाली YI के शेयरधारकों ने धोखाधड़ी और विश्वास हनन किया है। कानून: शेयरधारक कभी कंपनी की संपत्ति के मालिक नहीं होते हैं। यंग इंडियन एक गैर-लाभकारी कंपनी है। राजनीति में एक नया निचला स्तर।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नेशनल हेराल्ड समाचार पत्र और इससे जुड़ी कपनियों की संपत्ति जब्त किए जाने की निंदा करने को लेकर बुधवार को कांग्रेस पर पलटवार किया और कहा कि ‘गांधी परिवार’ को अपने ‘पापों’ की कीमत चुकानी होगी।
यहां भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने गांधी परिवार पर नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जा करने का आरोप लगाया।
प्रकाशन का एक ऑनलाइन संस्करण, हालांकि उपलब्ध है। प्रसाद ने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने को कहा कि बेईमानी और सार्वजनिक संपत्ति की लूट के खिलाफ की गई कार्रवाई को लोकतंत्र की अवहेलना कैसे कहा जा सकता है?
प्रसाद ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी ने इन बेशकीमती संपत्तियों का गबन किया क्योंकि इसके स्वामित्व वाली कंपनी के शेयर एक ऐसी कंपनी को हस्तांतरित कर दिए गए जहां दोनों का 76 प्रतिशत शेयरों पर नियंत्रण था।
उन्होंने दावा किया कि यह लोकतंत्र में शर्मनाक, नया निचला स्तर है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने न केवल स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने की कांग्रेस की विरासत को हड़प लिया, बल्कि पार्टी से जुड़ी संपत्तियों को भी हड़प लिया।
उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले की जांच 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने से पहले एक निजी शिकायत पर शुरू हुई थी। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ही धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों का सामना कर रहे हैं और फिलहाल जमानत पर हैं।
प्रसाद ने कहा, ‘‘आपको लगता है कि आप लूटते रहें लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। परिवार को अपने पापों, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग की कीमत चुकानी होगी।’’