Farmers Protest Update: सरकार के पांच साल तक पांच फसलों पर एमएसपी (MSP) देने के प्रस्ताव को ठुकराने के बाद हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर ढेरा डाल कर बैठे किसान अपनी मांगो को लेकर एक बार फिर दिल्ली की ओर कूच करेंगे। हालांकि, किसान नेताओं की तरफ से दिल्ली जाने के ऐलान के बाद शंभू बॉर्डर समेत अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बुधवार को कहा कि प्रदर्शनकारी किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली की ओर आगे बढ़ेंगे। विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसान पंजाब और हरियाणा के बीच दो स्थानों पर डटे हुए हैं, वहीं सुरक्षाकर्मी उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए तैनात हैं।
हमारा इरादा शांति भंग करने का नहीं: डल्लेवाल
किसानों के राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ने की योजना के बीच डल्लेवाल ने कहा, ‘‘हमारा इरादा शांति भंग करने का नहीं है।’’ उन्होंने भारतीय जनता पार्टी नीत केन्द्र सरकार पर किसानों की मांगों के संबंध में ‘‘देरी की नीति’’ अपनाने का आरोप लगाया और सरकार से किसानों के पक्ष में फैसला लेने की अपील की।
उन्होंने किसानों को दिल्ली की ओर जाने से रोकने के लिए पंजाब और हरियाणा के बीच कई स्थानों पर जगह-जगह अवरोधक लगाने के लिए भी केन्द्र सरकार की आलोचना की।
डल्लेवाल ने शंभू सीमा पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम अनुरोध करते हैं कि हम शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं। सरकार को अपने आप ही अवरोधक हटाने चाहिए और हमें दिल्ली की ओर बढ़ने और दिल्ली में हमारे बैठने के इंतजाम करने चाहिए।’’
11 बजे दिल्ली की ओर बढ़ना प्रारंभ करेंगे किसान
उन्होंने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाने के संबंध में कोई फैसला नहीं लेने के लिए सरकार की आलोचना की। किसान नेता डल्लेवाल ने कहा कि वे पूर्वाह्न 11 बजे दिल्ली की ओर बढ़ना प्रारंभ करेंगे।
फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी को लेकर केंद्र के साथ चार दौर की वार्ता विफल होने के बाद, प्रदर्शनकारी किसान पंजाब-हरियाणा सीमा पर दो स्थानों से बुधवार को फिर से अपना मार्च शुरू करने के लिए तैयार हैं।
किसान राष्ट्रीय राजधानी से अब भी 200 किलोमीटर दूर
किसान राष्ट्रीय राजधानी से अब भी 200 किलोमीटर से अधिक दूरी पर हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को यह सुनिश्चित करने के लिए अभ्यास किया कि राष्ट्रीय राजधानी में उन्हें प्रवेश करने से रोकने के लिए लगाये गए अवरोधकों को पार नहीं किया जा सके।
हजारों किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च शुरू किया था। इन किसानों को हरियाणा सीमा पर ही रोक दिया गया था, जहां उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प हुई थी। किसान तब से हरियाणा के साथ लगती पंजाब की सीमा पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।
(भाषा के इनपुट के साथ)