Gyanvapi Masjid Case: इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की एक टीम ने वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण शुक्रवार सुबह शुरू कर दिया।
हिंदू पक्ष के वकील मदन मोहन यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एएसआई की एक टीम सुबह करीब सात बजे ज्ञानवापी परिसर में दाखिल हुई और काम शुरू किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान हिंदू याचिकाकर्ता अपने वकीलों के साथ मौके पर मौजूद हैं। मुस्लिम पक्ष की तरफ से कोई भी उपस्थित नहीं है।
मुस्लिम पक्ष ने इस सर्वे से अलग रहने का फैसला किया है। अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के सचिव सैयद मोहम्मद यासीन ने इसकी पुष्टि करते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मुस्लिम पक्ष के वकील इस सर्वे में शामिल नहीं होंगे, क्योंकि मुसलमानों की तरफ से उच्चतम न्यायालय में इस सर्वे के निर्णय को पहले ही चुनौती दी जा चुकी है।
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इससे पहले, वाराणसी की जिला अदालत के निर्णय के बाद एएसआई की टीम ने गत 24 जुलाई को भी Gyanvapi परिसर के सर्वे का काम शुरू किया था लेकिन कुछ ही घंटों बाद मस्जिद से जुड़ी कमेटी की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने इस सर्वे पर तत्काल रोक लगा दी थी और मामले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष रखने को कहा था।
उच्च न्यायालय ने तीन अगस्त को फैसला सुनाते हुए मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी और Gyanvapi परिसर का सर्वे कराने के निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखा था। मुस्लिम पक्ष ने उच्च न्यायालय के निर्णय को बृहस्पतिवार को ही उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।
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