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‘कांग्रेस का प्रधानमंत्री होता तो चौथे दिन रुक जाती हिंसा’- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने असम के नगांव में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान रैली की

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भाषा   
Last Updated- January 21, 2024 | 10:44 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि यदि देश में उनकी पार्टी का नेता प्रधानमंत्री होता, तो मणिपुर में हिंसा पर चौथे दिन ही काबू पा लिया गया होता। गांधी ने असम के नगांव जिले में ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सेना की मदद से तीन दिन के भीतर पूर्वोत्तर राज्य में हिंसा को काबू कर सकते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐसा करना नहीं चाहती।

उन्होंने कहा, ‘मणिपुर कई महीनों से (हिंसा की आग में) जल रहा है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री आज तक वहां नहीं गए। यदि कांग्रेस का प्रधानमंत्री होता, तो हिंसा के तीसरे दिन ही मणिपुर का दौरा करता और चौथे दिन तक हिंसा पर काबू पा लिया गया होता।’

गांधी ने कहा, ‘यदि प्रधानमंत्री सेना को आदेश देते हैं, तो वे तीन दिन में इसे (हिंसा को) रोक सकते हैं, लेकिन भाजपा इस आग को बुझाना नहीं चाहती और इसीलिए प्रधानमंत्री वहां नहीं जा रहे और सेना को यह तमाशा रोकने का आदेश नहीं दे रहे।’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा के झंडों के साथ कुछ लोग घूम रहे हैं, लेकिन आम लोग हमारे साथ हैं।’ गांधी ने कहा, ‘नेता आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन जिनके दिल अहंकार और नफरत से भरे होते हैं, वे जल्द ही गायब हो जाते हैं।’

रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि न्याय यात्रा इतनी सफल रही कि भाजपा ने हमारे प्रदेश प्रमुख पर हमला कर दिया। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को आरोप लगाया कि असम की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल होने के खिलाफ धमकी दे रही है और यात्रा मार्गों पर कार्यक्रमों की अनुमति देने से भी इनकार कर रही है।

राहुल ने विश्वनाथ जिला मुख्यालय विश्वनाथ चरियाली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि लेकिन लोग भाजपा से डरते नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी आगामी चुनावों में भाजपा के खिलाफ भारी अंतर से जीत हासिल करेगी।
राहुल ने कहा, ‘हम यात्रा में लंबे भाषण नहीं देते हैं। हम हर दिन 7-8 घंटे यात्रा करते हैं, आपके मुद्दों को सुनते हैं और हमारा उद्देश्य इन मुद्दों को उठाना है।’

उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को यात्रा में शामिल होने के खिलाफ धमकी दी जा रही है और इसके मार्गों पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है,यहां तक कि राज्य में कांग्रेस के झंडे और बैनरों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे (सरकार) सोचते हैं कि वे लोगों को दबा सकते हैं। लेकिन उन्हें यह एहसास नहीं है कि यह राहुल गांधी की यात्रा नहीं है। यह लोगों की आवाज उठाने की यात्रा है।’

यात्रा रविवार सुबह अरुणाचल प्रदेश से विश्वनाथ होते हुए असम में दोबारा प्रवेश कर गई। उन्होंने कहा, ‘न तो राहुल गांधी और न ही असम के लोग आपसे डरते हैं। आप जो चाहें कर सकते हैं। जब चुनाव होंगे, तो कांग्रेस भाजपा को बड़े अंतर से हरा देगी।’ गांधी ने हिमंत विश्व शर्मा को ‘देश का सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री’ करार दिया।

राहुल संत शंकरदेव के जन्मस्थान जाएंगे

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को अयोध्या में रामलला विग्रह के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली बोर्दोवा थान का दौरा करने से बचने की असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के परामर्श पर कांग्रेस ने रविवार को जोर देकर कहा कि गांधी की यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि गांधी अपनी पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार असम के नगांव जिले में बोर्दोवा थान का दौरा करेंगे। उन्होंने आग्रह किया कि इस पर कोई राजनीति नहीं की जानी चाहिए। गांधी मणिपुर से मुंबई तक ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का नेतृत्व कर रहे हैं और यह यात्रा 18 जनवरी को असम पहुंची थी और यह 25 जनवरी तक प्रदेश में रहेगी।

गांधी के साथ यात्रा में शामिल रमेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘यात्रा का मार्ग 3-4 सप्ताह पहले तय किया गया था और कार्यक्रम के अनुसार, हम 22 जनवरी को नगांव में होंगे।’

जन्मस्थली पर नहीं जाएं राहुल : हिमंत

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 22 जनवरी को बोर्दोवा में श्रीमंत शंकरदेव की जन्मस्थली पर जाने से बचना चाहिए क्योंकि भगवान राम और राज्य में एक आदर्श के रूप में पूजनीय मध्यकालीन वैष्णव संत के बीच कोई स्पर्धा नहीं हो सकती।

शर्मा ने कहा कि 22 जनवरी को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान अल्पसंख्यक बहुल इलाकों के संवेदनशील मार्गों पर कमांडो तैनात किए जाएंगे। अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम राहुल गांधी से राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के दौरान सोमवार को बोर्दोवा न जाने का अनुरोध करेंगे क्योंकि इससे असम की गलत छवि पेश होगी।’ उन्होंने कहा कि राहुल ‘अनावश्यक स्पर्धा’ पैदा किए बगैर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद बोर्दोवा स्थित ‘सत्रा’ (वैष्णव मठ) जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह स्पर्धा असम के लिए दुखद होगी।

First Published : January 21, 2024 | 10:44 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)