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भारत उठाएगा यूरोपीय संघ के कार्बन कर का मुद्दा, जरूरत पड़ने पर करेगा विरोधः पीयूष गोयल

सीबीएएम (कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म) या कार्बन कर (एक तरह का आयात शुल्क) एक जनवरी, 2026 से लागू होगा।

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भाषा   
Last Updated- December 08, 2023 | 2:28 PM IST

भारत कुछ आयातित वस्तुओं पर कार्बन कर लगाने की यूरोपीय संघ (ईयू) की योजना का मुद्दे उसके साथ उठाएगा और जरूरत पड़ने पर इसका विरोध भी करेगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को यह बात कही। सीबीएएम (कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म) या कार्बन कर (एक तरह का आयात शुल्क) एक जनवरी, 2026 से लागू होगा। हालांकि, इस साल एक अक्टूबर से इस्पात, सीमेंट, उर्वरक, एल्युमीनियम और हाइड्रोकार्बन उत्पादों सहित सात कार्बन-सघन क्षेत्रों की घरेलू कंपनियों को ईयू के साथ कार्बन उत्सर्जन के संबंध में ब्योरे को साझा करना होगा।

गोयल ने एक उद्योग मंडल के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘भारत बैठक में सीबीएएम का मुद्दा उठाएगा और हम इसका समाधान निकालेंगे। हम देखेंगे कि अगर सीबीएएम आता है तो हम इससे अपना फायदा कैसे निकाल सकते हैं। बेशक, मैं जवाबी कार्रवाई करूंगा। आपको इसके बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।’’

शोध संस्थान वैश्विक व्यापार अनुसंधान पहल (जीटीआरआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी, 2026 से सीबीएएम ईयू में चुनिंदा आयात पर 20-35 प्रतिशत कर में तब्दील हो जाएगा।

First Published : December 8, 2023 | 1:53 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)