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25 की उम्र में जॉब, 29 में रिटायरमेंट, IIT बॉम्बे के इस लड़के से सीखें सैलरी से पैसा बचाना

डेनियल जॉर्ज ने बताया कि जब वह IIT बॉम्बे में पढ़ रहे थे तभी उन्होंने जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच लिया था। उस समय उनकी उम्र 24 साल थी।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- January 18, 2024 | 4:54 PM IST

फाइनैंशियली फ्री होकर जल्दी रिटायरमेंट लेने का सपना लगभग हर युवा के मन में होता है। मगर इसका सही फॉर्मूला क्या है? इस बारे में जानकारी बहुत कम है। ऐसा माना जाता है कि नौकरी शुरू करते ही यदि पैसे जोड़ना शुरू कर दे और उन पैसों को सही जगह पर निवेश किया जाए तो इंसान जल्दी ही रिटायर हो सकता है। आज हम मायानगरी मुंबई के एक ऐसे ही युवा की कहानी लेकर आए, जिसने 25 की उम्र में नौकरी शुरू की और 4 साल में इतने पैसों को बंदोबस्त कर लिया कि वह 29 की उम्र में बड़े आराम से रिटायरमेंट ले सकता है। यह कहानी है IIT बॉम्बे में पढ़े डेनियल जॉर्ज की।

डेनियल जॉर्ज ने नौकरी शुरू करते ही शुरू की सेविंग

बिजनेस इनसाइडर से बात करते हुए डेनियल जॉर्ज ने बताया कि जब वह IIT बॉम्बे में पढ़ रहे थे तभी उन्होंने जल्दी रिटायर होने के बारे में सोच लिया था। उस समय उनकी उम्र 24 साल थी। जॉर्ज ने 2015 में फिजिक्स इंजीनियरिंग की बैचलर डिग्री लेने बाद समर इंटर्नशिप की। पहली नौकरी के लिए सीधे गूगल से ऑफर आया। सैलरी पैकेज था 2,65,000 अमेरिकी डॉलर। भारतीय रुपये में करीब 2.2 करोड़ रुपये। उनके लिए इतना बड़ा पैकेज मिलना किसी सपने के सच होने के जैसा था। नौकरी शुरू करने के साथ ही जॉर्ज ने फाइनैंशियल फ्री होने का सफर भी शुरू कर दिया। उन्होंने हिसाब-किताब बैठाया और पाया कि कुछ साल नौकरी करके यदि चाहें तो वे भारत वापस जा सकते हैं और रिटायरमेंट ले सकते हैं।

Google के साथ काम करना ड्रीम जॉब

बिजनेस इनसाइडर से बात करते हुए, जॉर्ज ने खुलासा किया कि वह पैसे इकट्ठा करने में कैसे कामयाब रहे। यह सब 2018 में Google में उनकी नौकरी के साथ ही शुरू हुआ था। जॉर्ज ने कहा, गूगल एक्स के साथ काम करना मेरी ड्रीम जॉब थी। वहां काम करना किसी खूबसूरत सपने के जैसा था। वहां अनलिमिटेड फूड और ड्रिंक्स मिलते थे और अद्भुत सुविधाएं थीं, जिनमें पिंग-पोंग टेबल, वीडियो-गेम रूम, फुटबॉल मैदान, एक जिम, टेनिस कोर्ट और ऑफिस में मुफ्त मालिश की सुविधा भी शामिल थी।

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टैक्स बचाने के लिए रिटायरमेंट फंड में शुरू किया निवेश

जॉर्ज ने कहा, “गूगल में एक साल बिताने के बाद, मैंने फाइनैंस और टैक्स के बारे में अपनी जानकारी को बढ़ाना शुरू कर दिया। मैं पहले से कहीं अधिक पैसा कमा रहा था लेकिन लगभग 50 प्रतिशत पैसा टैक्स में चले जा रहा था।” जॉर्ज ने सोचा कि इतना ज्यादा टैक्स भरने से अच्छा है कि वे रिटायरमेंट फंड में जितना संभव हो उतना पैसा निवेश करना शुरू करें।

फिजूल खर्चों पर लगाई लगाम, ऑफिस के संसाधनों का किया भरपूर उपयोग

जॉर्ज ने अपने फिजूल खर्चों पर लगाम लगाया और गूगल ऑफिस में मिल रहे लाभ और संसाधनों का भरपूर उपयोग किया। वह कहते हैं कि वह वह कम खर्च कर रहे थे, फिर भी बहुत अच्छा समय बिता रहे थे। जॉर्ज ने बिजनेस इनसाइडर को बताया, “मैं पैदल या बाइक से काम पर जाता था, इसलिए मैंने कभी कार नहीं खरीदी। मैं गूगल ऑफिस में ही तीन बार भोजन करता था, इसलिए मैं भोजन के लिए शायद ही कभी पेमेंट करता था। हालांकि सिलिकॉन वैली में घर आमतौर पर बहुत महंगा है, मगर मैं अपने दोस्तों के साथ शेयरिंग में एक अपार्टमेंट में रहता था और मेरे हिस्से में काफी कम किराया आता था।”

कम खर्च करके भी बिताई क्वालिटी लाइफ

“मैं कई लोगों को जानता हूं, जिन्होंने महंगी कारें या घर खरीदे हैं, लेकिन मैंने अपनी कमाई का अधिकांश हिस्सा निवेश करने का फैसला किया। जितना अधिक मैंने शुरू में बचत की, उतना ही अधिक समय तक मेरा पैसा बढ़ता रहा और तेजी से बढ़ता रहा। मैं किसी भी समय ऐसे शहरों में जा सकता था, जो सस्ते हों और वहां कहीं ज्यादा अच्छा घर खरीद सकता था। गूगल में मजे ले रहा था और कभी ऐसा नहीं लगा कि मैं वहां क्वालिटी टाइम नहीं बिता रहा हूं।”

आखिरकर, जॉर्ज ने हर साल 75,000 डॉलर (लगभग 62 लाख रुपये) से अधिक टैक्स बचाने वाले अकाउंट में डाले। वर्ष 2020 तक, उनके पास इतना पैसा जमा हो चुका था कि वह रिटायरमेंट लेकर भारत वापस आ सकते थें मगर जॉर्ज ने ऐसा नहीं किया। जॉर्ज ने अमेरिका में ही रुकने का फैसला किया और अपनी संपत्ति को और अधिक बढ़ाना शुरू किया क्योंकि तब तक उनकी मुलाकात अपनी फ्यूचर वाइफ से हो चुकी थी। उनकी फ्यूचर वाइफ भी गूगल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) साइंटिस्ट थी, मगर वे अमेरिका में ही रहती थीं।

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2020 में गूगल की नौकरी छोड़ी और जेपी मॉर्गन में काम किया

जून 2020 में, जॉर्ज को जेपी मॉर्गन द्वारा कंपनी में लागू AI परियोजनाओं का नेतृत्व करने के लिए काम पर रखा गया था और उनका पैकेज दोगुना कर दिया गया था। जॉर्ज ने बिजनेस इनसाइडर से बात करते हुए कहा, “यद्यपि मेरी आय और निवल संपत्ति में वृद्धि हुई, फिर भी मैं तीन वक्त के खाने के अलावा फिजूलखर्ची नहीं कर रहा था क्योंकि मैं खाना बनाना नहीं चाहता था। मेरी एकमात्र संपत्ति कपड़े, एक गद्दा, एक बिस्तर और एक 65- इंच टीवी थी।” 27 साल की उम्र में, मैं अपनी पहली मिलियन डॉलर की बचत तक पहुंच गया था। मेरे स्टॉक पोर्टफोलियो ने अच्छा प्रदर्शन किया था, और मैं जेपी मॉर्गन से मिलने वाले अपने सभी वेतन और अपने मूल वेतन के 70 प्रतिशत के बड़े-बड़े बोनस को भी निवेश कर रहा था।”

ThirdEar AI के नाम से शुरू की खुद की कंपनी

अगस्त 2023 में, 29 साल की उम्र में, जॉर्ज ने जेपी मॉर्गन की नौकरी छोड़ दी और कुछ दोस्तों के साथ मिलकर एक स्टार्टअप ThirdEar AI शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, “अब मुझे पैसा कमाने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है, मैं अपनी खुद की कंपनी शुरू करने का जोखिम उठा सकता हूं।” आखिरकार, जब मैं और मेरी पत्नी घर बसाने और संभावित रूप से बच्चे पैदा करने का फैसला करेंगे, तो मुझे विश्वास है कि हमारे सभी निवेश हमारे पारिवारिक खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त पैसिव इनकम अर्जित करेंगे। क्योंकि मैंने जल्दी निवेश किया था, मुझे बाद में चिंता करने की जरूरत नहीं होगी।”

First Published : January 18, 2024 | 4:53 PM IST