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देश में हरित क्रांति के जनक एम एस स्वामीनाथन का निधन, PM मोदी ने कहा- बदला लाखों लोगों का जीवन

एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन के सूत्रों ने बताया कि उनका कुछ वक्त से उम्र संबंधी बीमारियों के लिए इलाज चल रहा था।

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भाषा   
Last Updated- September 28, 2023 | 2:27 PM IST

प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक और देश की ‘हरित क्रांति’ में अहम योगदान देने वाले MS Swaminathan का बृहस्पतिवार को यहां निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। उनके परिवार में तीन बेटियां हैं। एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन के सूत्रों ने बताया कि उनका कुछ वक्त से उम्र संबंधी बीमारियों के लिए इलाज चल रहा था।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- कृषि क्षेत्र में MS Swaminathan के अभूतपूर्व योगदान ने लाखों लोगों के जीवन को बदला

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन के निधन पर दुख जताया और साथ ही कहा कि कृषि क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान ने लाखों लोगों के जीवन को बदला और राष्ट्र के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की।

प्रधानमंत्री ने स्वामीनाथन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत को प्रगति करते देखने का उनका जुनून अनुकरणीय था तथा उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। देश की ‘हरित क्रांति’ में अहम योगदान देने वाले स्वामीनाथन का बृहस्पतिवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे।

मोदी ने ‘X’ पर सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, ‘डॉ एम एस स्वामीनाथन के निधन से गहरा दुख हुआ। हमारे देश के इतिहास में एक बहुत ही नाजुक अवधि में, कृषि में उनके अभूतपूर्व योगदान ने लाखों लोगों के जीवन को बदल दिया और हमारे राष्ट्र के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि में अपने क्रांतिकारी योगदान से इतर, स्वामीनाथन इनोवेशन के ‘पावरहाउस’ और कई लोगों के लिए वह एक कुशल संरक्षक भी थे। उन्होंने कहा कि अनुसंधान और लोगों के लिए प्रतिपालक की अपनी भूमिका को लेकर उनकी अटूट प्रतिबद्धता ने अनगिनत वैज्ञानिकों और अन्वेषकों पर एक अमिट छाप छोड़ी ।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं डॉ स्वामीनाथन के साथ अपनी बातचीत को हमेशा संजोकर रखूंगा। भारत को प्रगति करते देखने का उनका जुनून अनुकरणीय था। उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।’’

स्वामीनाथन के निधन से कृषि अनुसंधान और शिक्षा के एक युग का अंत : IARI निदेशक

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के निदेशक ए के सिंह ने गुरुवार को कहा कि एम एस स्वामीनाथन के निधन से कृषि अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार के एक ऐसे युग का अंत हो गया जो आसान इनोवेशन से भरा हुआ था।

सिंह ने एक बयान में कहा, ‘प्रोफेसर स्वामीनाथन के निधन से कृषि अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार के एक ऐसे युग का अंत हो गया जो आसान नवाचार से भरा हुआ था। यदि भगवान रोटी के रूप में गरीबों और भूखों के सामने प्रकट होते हैं जैसा कि महात्मा गांधी ने कहा था तो वह भगवान डॉ. स्वामीनाथन हैं जिनकी प्रत्येक भारतीय को हर रोज भोजन खाते वक्त पूजा करनी चाहिए।’

First Published : September 28, 2023 | 2:07 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)