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PM मोदी ने जाना धामी से फंसे श्रमिकों का हाल, आर्नोल्ड पहुंचे मजदूरों को सिलक्यारा सुरंग से निकालने

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि सुरंग में फंसे श्रमिक सुरक्षित हैं और उन्हें ऑक्सीजन, पौष्टिक भोजन और पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

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भाषा   
Last Updated- November 20, 2023 | 10:37 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात कर उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में पिछले आठ दिनों से फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए जारी बचाव और राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली तथा उनका मनोबल बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।

सुरंग हादसे के नौवें दिन बचाव अभियान में सहयोग करने के केंद्र सरकार के आग्रह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरंग विशेषज्ञ आर्नोल्ड डिक्स भी सिलक्यारा पहुंच गए और उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ रणनीति पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आवश्यक बचाव उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा केंद्र और राज्य की एजेंसियों के परस्पर समन्वय से श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।

धामी के अनुसार प्रधानमंत्री ने फंसे श्रमिकों का मनोबल बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने मोदी को अद्यतन स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य और केंद्र की विभिन्न एजेंसियां विशेषज्ञों की राय लेकर परस्पर समन्वय और तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि सुरंग में फंसे श्रमिक सुरक्षित हैं और उन्हें ऑक्सीजन, पौष्टिक भोजन और पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। बयान के अनुसार धामी ने उन्हें यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण किया है और बचाव कार्यों पर भी लगातार नजर रखे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि सुरंग के अंदर फंसे सभी मजदूर सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द बाहर निकलने की पूरी कोशिश की जा रही है। 12 नवंबर को दीवाली वाले दिन हुए सुरंग हादसे के बाद से अब तक प्रधानमंत्री तीन बार मुख्यमंत्री से स्थिति की जानकारी ले चुके हैं।

महत्त्वाकांक्षी चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही साढ़े चार किलोमीटर लंबी सिलक्यारा सुरंग का एक हिस्सा ढहने से उसके अंदर काम कर रहे 41 श्रमिक फंस गए जिन्हें निकाले जाने के लिए युद्धस्तर पर बचाव और राहत अभियान जारी है। ‘इंटरनैशनल टनलिंग ऐंड अंडरग्राउंड स्पेस एसोसिएशन’ के अध्यक्ष डिक्स ने उम्मीद जताई कि सुरंग में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। उन्होंने अभी तक किए गए बचाव कार्यों पर भी संतोष जाहिर किया और कहा कि ‘बहुत सारा काम किया जा चुका है।’

डिक्स ने कहा, ‘ मैंने अभी सुरंग का निरीक्षण किया है जहां तैयारियों के लिए बहुत ढेर सारा काम किया गया है । हम अभी पहाड़ के ऊपर आ रहे हैं जहां हम अन्य विकल्पों पर भी विचार करेंगे।’

उन्होंने कहा, ‘ मैं यहां कल आया था लेकिन कल और आज के बीच मैंने जो काम देखा है, वह असाधारण है। आज की योजना यह है कि मजदूरों को बाहर निकालने के लिए सर्वश्रेष्ठ हल निकाला जाए।’ डिक्स ने हालांकि इस संबंध में कोई समयसीमा नहीं बताई कि बचाव अभियान कब तक चलेगा।

उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि सभी लोग सुरक्षित रहें, वे जिंदा बाहर आएं और बचावकर्मी भी सुरक्षित रहें। सभी इस बात से सहमत होंगे कि हम लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल पाएं और बचाव कार्य को सुरक्षित रख पाएं, चाहे इसमें कितना भी समय लगे।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में फंसे श्रमिकों का हाल जानने आ रहे उनके परिजनों के रहने-खाने का इंतजाम राज्य सरकार करेगी और उसका खर्चा उठाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

First Published : November 20, 2023 | 10:37 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)