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PM Modi Speech Today: महंगाई का बोझ कम से कम करने के लिए प्रयास जारी रहेंगे – प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को महंगाई ने दबोच कर रखा है।

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भाषा   
Last Updated- August 15, 2023 | 10:47 AM IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने मंगलवार को लाल किले की प्राचीर से कहा कि उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार ने महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ‘भरसक प्रयास’ किये और जनता के इस बोझ को कम से कम करने के लिए आने वाले दिनों में भी प्रयास जारी रहेगा।

देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को महंगाई ने दबोच कर रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ”दुनिया अभी भी कोविड महामारी के प्रकोप से पूरी तरह उबर नहीं पाई है। युद्ध ने एक और समस्या पैदा कर दी है। दुनिया मुद्रास्फीति की समस्या से जूझ रही है। मुद्रास्फीति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को जकड़ लिया है।”

उन्होंने कहा, ‘‘हम भी दुनिया से, जिन सामानों की जरूरत होती है, लाते हैं। हम सामान तो आयात करते हैं, साथ ही महंगाई भी आयात करते हैं। पूरी दुनिया को महंगाई ने जकड़ कर रखा है।’’

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मोदी ने कहा, ‘‘भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए हैं। पिछले कालखंड की तुलना में हमें कुछ सफलता भी मिली है। लेकिन इतने से संतोष नहीं….। दुनिया से हमारी चीजें अच्छी हैं, बस यही सोचकर हम नहीं रह सकते। मुझे तो, मेरे देशवासियों पर महंगाई का बोझ कम से कम हो, इस दिशा में और भी कदम उठाने हैं। हम उन कदमों को उठाते रहेंगे, मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।’’

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कम ब्याज पर आवास खरीदने की सुविधा प्रदान करने की भी घोषणा की। गौरतलब है कि जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इस दौरान मुख्य रूप से टमाटर और सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े।

चालू वित्त वर्ष में पहली बार खुदरा मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक के छह प्रतिशत के सहनशील स्तर को पार कर गई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 7.44 प्रतिशत हो गई, जो जून में 4.87 प्रतिशत थी। जुलाई 2022 में खुदरा मुद्रास्फीति 6.71 प्रतिशत थी। सरकार ने आरबीआई को खुदरा मुद्रास्फीति को 2-6 प्रतिशत के दायरे में रखने की जिम्मेदारी सौंपी है।

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First Published : August 15, 2023 | 10:47 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)