File Photo: Prime Minister Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विकास की कई परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे। दोपहर 12 बजे करीब वे 12,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।
इससे पहले, सुबह 11:15 बजे पीएम मोदी साहिबाबाद आरआरटीएस स्टेशन से नई अशोक नगर आरआरटीएस स्टेशन तक नमो भारत ट्रेन में सफर करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय ने दी है।
पीएम मोदी दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के साहिबाबाद से नई अशोक नगर तक 13 किलोमीटर लंबे खंड का उद्घाटन करेंगे। इस खंड की लागत लगभग 4,600 करोड़ रुपये है।
यह कॉरिडोर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और यात्रियों को तेज, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल सफर का अनुभव देगा।
दिल्ली को पहली ‘नमो भारत’ कनेक्टिविटी मिलने जा रही है, जिससे दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा आसान होगी। इससे लाखों लोग तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर का लाभ उठा सकेंगे।
प्रधानमंत्री 1,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार दिल्ली मेट्रो फेज-IV के पहले हिस्से, जनकपुरी से कृष्णा पार्क तक के 2.8 किमी लंबे ट्रैक का उद्घाटन भी करेंगे। यह फेज-IV का पहला हिस्सा होगा जो जनता के लिए खोला जाएगा। इससे पश्चिमी दिल्ली के इलाके, जैसे कृष्णा पार्क, विकासपुरी और जनकपुरी के लोगों को सीधा लाभ होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली मेट्रो फेज-IV के 26.5 किलोमीटर लंबे रिठाला-कुंडली सेक्शन का शिलान्यास करेंगे। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 6,230 करोड़ रुपये है।
यह कॉरिडोर दिल्ली के रिठाला को हरियाणा के नाथूपुर (कुंडली) से जोड़ेगा, जिससे दिल्ली और हरियाणा के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
रिठाला, रोहिणी, बवाना, नरेला और कुंडली जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इसका खास फायदा मिलेगा। यह रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल इलाकों तक पहुंच को आसान बनाएगा।
इस सेक्शन के शुरू होने के बाद दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में यात्रा करना और भी सुगम हो जाएगा, क्योंकि यह मेट्रो की रेड लाइन का विस्तार करेगा।
प्रधानमंत्री नई दिल्ली के रोहिणी में बनने वाले सेंट्रल आयुर्वेद रिसर्च इंस्टीट्यूट (CARI) की नई अत्याधुनिक इमारत का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना पर लगभग 185 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
यह नया परिसर अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा सुविधाओं से लैस होगा। इसमें प्रशासनिक ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, आईपीडी ब्लॉक और विशेष उपचार ब्लॉक शामिल होंगे। इससे मरीजों और शोधकर्ताओं को एकीकृत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।