केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि पीएम स्वनिधि योजना ने रेहड़ी-पटरी वालों का सम्मान बहाल किया है।
उन्होंने कहा कि ये वर्ग अब केवल असंगठित ऋण माध्यमों पर निर्भर नहीं है, जहां उन्हें बहुत अधिक ब्याज देने के लिए मजबूर किया जाता था। इस योजना के तहत 60.94 लाख रेहड़ी-पटरी वालों को 10,678 करोड़ रुपये के 80.42 लाख से अधिक ऋण दिए गए हैं।
इसके तहत पहली किस्त में 10,000 रुपये तक, दूसरी किस्त में 20,000 रुपये तक और तीसरी किस्त में 50,000 रुपये तक का कर्ज बिना कुछ बंधक रखे दिया जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने यहां पीएम स्वनिधि मेगा कैंप में यह बात कही। पुरी ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई थी, जब भारत के रेहड़ी-पटरी वाले सबसे बुरी तरह प्रभावित थे।
उन्होंने कहा, ”स्वनिधि योजना का उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वालों के स्वरोजगार, स्वावलंबन और स्वाभिमान को बहाल करना था।” मंत्री ने कहा कि इससे न केवल रेहड़ी-पटरी वालों का वित्तीय समावेशन हुआ है, बल्कि उनका सम्मान भी बढ़ा है।