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केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने सोमवार को राज्यसभा को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत कुल लाभार्थियों में 15.15 प्रतिशत लोग धार्मिक अल्पसंख्यक हैं।
साहू ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि अल्पसंख्यक समुदायों के कुल लाभार्थियों में से लगभग 13.45 लाख घर (12.74 प्रतिशत) मुसलमानों को स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि ईसाइयों को 1,73,350 घर स्वीकृत किए गए हैं जबकि सिखों को 49,670, बौद्धों को 19,707, जैनियों को 10,457 और पारसी धर्म के अनुयायियों को 1,127 घर स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जून 2015 में शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) को सहकारी संघवाद की भावना से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब तक 1.18 करोड़ से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत घरों में 85.04 लाख घरों का निर्माण पूरा हो गया है। इस योजना की अवधि पहले 31 मार्च, 2022 तक थी और उसे इस साल दिसंबर तक बढ़ा दिया गया है।