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QS World University Rankings: भारत का शानदार प्रदर्शन, रिसर्च में हुई बड़ी वृद्धि, 69 विश्वविद्यालयों ने बनाई जगह

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) भारत का सबसे हाई रैंक प्राप्त करने वाला विश्वविद्यालय रहा। JNU ने डेवलपमेंट स्टडी में 20वां स्थान हासिल किया है।

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बीएस वेब टीम   
Last Updated- April 10, 2024 | 10:02 PM IST

55 सब्जेक्टों में कुल 424 एंट्री के साथ 69 भारतीय विश्वविद्यालयों ने लेटेस्ट ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ में जगह बनाई है। यह पिछले साल की 355 एंट्री से 19.4 प्रतिशत ज्यादा है। इसके साथ, भारत चीन के बाद एशिया में दूसरा सबसे ज्यादा रिप्रेजेंटेशन वाला देश बन गया है। चीन के 101 इंस्टीट्यूट इस हायर एजुकेशन एक्सपर्ट्स QS क्वाक्वेरेली साइमंड्स की लिस्ट में शामिल थे।

इस साल ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ में शामिल 72% भारतीय विश्वविद्यालयों या तो लिस्ट में पहली बार शामिल किए गए, कुछ ने अपनी रैंकिंग में सुधार किया, तथा कुछ ने अपनी पोजिशन बनाए रखी। केवल 18% भारतीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में गिरावट देखी गई।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) भारत का सबसे हाई रैंक प्राप्त करने वाला विश्वविद्यालय रहा। JNU ने डेवलपमेंट स्टडी में 20वां स्थान हासिल किया है। JNU ने भूगोल, इतिहास, आधुनिक भाषाएं, राजनीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंध, मानव विज्ञान, अंग्रेजी भाषा और साहित्य और भाषाविज्ञान सहित विभिन्न सब्जेक्टों में भी देश में टॉप स्थान हासिल किया है।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) अहमदाबाद ने ‘QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ में बिजनेस एंड मैनेजमेंट स्टडी में 22वीं रैंक हासिल की है। यह पिछले साल की 26वीं रैंक से बेहतर है। IIM बेंगलुरु ने अकाउंटिंग और फाइनेंस सब्जेक्ट में 51-100 रैंकिंग बैंड में जगह बनाई है।

यह रैंकिंग 95 देशों और क्षेत्रों के 1,500 विश्वविद्यालयों में 16,400 से ज्यादा विश्वविद्यालय प्रोग्रामों की तुलना करती है। इसके अलावा, वे 56 अकेडमिक सब्जेक्टों और पांच ब्रॉड फैकल्टी क्षेत्रों को कवर करते हैं: जिनमें शामिल हैं आर्ट और ह्युमैनिटी, इंजीनियरिंग और टेक्नॉलजी, लाइफ साइंसेज, नेचुरल साइंसेज और सामाजिक विज्ञान।

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 में 434 भारतीय एंट्रीज में से 69 भारतीय विश्वविद्यालयों ने जगह बनाई है, जो पिछले साल के 355 एंट्रीज से 19.4 प्रतिशत ज्यादा है। एशियाई क्षेत्र में, भारत ने विश्वविद्यालयों की संख्या के मामले में चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया, जिसके लिस्ट में 101 विश्वविद्यालय थे।

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, बॉम्बे (IITB) ने इंजीनियरिंग-मिनरल और माइनिंग सब्जेक्ट में 25वीं रैंक हासिल की। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी, मद्रास (IITM) ने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में 29वां स्थान हासिल किया। QS के अनुसार, भारत दुनिया के सबसे तेजी से विस्तार करने वाले रिसर्च केंद्रों में से एक है।

QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2024 के अनुसार, 2017 से 2022 तक भारत के रिसर्च आउटपुट में 54% की बड़ी वृद्धि हुई है। यह वृद्धि ग्लोबल औसत से दोगुने से भी ज्यादा है और यह पश्चिमी देशों से भी ज्यादा है। मात्रा के मामले में, भारत अब रिसर्च करने के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर है। इस अवधि में भारत ने 1.3 मिलियन अकादमिक पेपर तैयार किए हैं, जो केवल चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका से पीछे है और यूनाइटेड किंगडम से थोड़ा कम है।

हालांकि, भारतीय विश्वविद्यालयों को अपनी उद्धरण संख्या (citation count) में सुधार करने की आवश्यकता है। उद्धरण गणना द्वारा मापे गए रिसर्च इंपैक्ट के मामले में भारत विश्व स्तर पर नौवें स्थान पर है। QS के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेन सॉटर ने आगे की प्रगति के लिए अकादमिक समुदाय के भीतर हाई क्वालिटी वाले, प्रभावशाली रिसर्च और इसके प्रसार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

First Published : April 10, 2024 | 10:01 PM IST