शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में 'सेवादार' के रूप में कार्य करते हुए। (PHOTO/X-PTI)
शिरोमणि अकाली दल (SAD) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल (SAD Chief Sukhbir Badal) पर बुधवार को एक व्यक्ति ने उस समय गोली चलाने का प्रयास किया जब वह स्वर्ण मंदिर के बाहर ‘सेवादार’ के रूप में सेवाएं दे रहे थे। घटना के वक्त बादल ‘व्हीलचेयर’ पर बैठे थे और गोली दीवार से जाकर लगी। हमले में बादल बाल-बाल बच गए । आरोपी नारायण सिंह को स्वर्ण मंदिर के बाहर खड़े कुछ लोगों ने पकड़ लिया। हमले के पीछे का मकसद की पड़ताल की जा रही है।
इस घटना पर अकाली दल के पूर्व सांसद नरेश गुजराल ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम भगवान के शुक्रगुजार हैं कि सुखबीर बादल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हमारी पार्टी ने पंजाब में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर बार-बार चिंता जताई है।” उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कह, “सरकार इस मोर्चे पर विफल रही है। स्वर्ण मंदिर के द्वार पर हमला अस्वीकार्य है।”
अकाली दल के नेता दलजीत सिंह चीमा ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए कहा, “शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल गुरु रामदास द्वार पर चौकीदार बनकर बैठे थे। उनकी दिशा में गोली चलाई गई। मैं गुरु नानक को उनके सेवक को बचाने के लिए धन्यवाद देता हूं। यह एक गंभीर घटना है। पंजाब को किस तरह के युग में धकेला जा रहा है?”
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी हमले की निंदा की और इसे राज्य की सुरक्षा विफलता का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह बहुत गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। मैं सुखबीर सिंह बादल पर गोली चलाने को सरकार की 100 प्रतिशत लापरवाही मानता हूं। यह पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है। जिसने भी गोली चलाई है, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। एसीपी को निलंबित किया जाना चाहिए, उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। यह कैसे हुआ? किसको जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए? सरकार किसी के मारे जाने का इंतजार कर रही है और फिर वे कह सकते हैं कि यह एक चूक थी।”
वारिंग ने आगे कहा, “सिखों के मन में सुखबीर बादल के लिए नफरत हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप उन्हें गोली मार देंगे।”
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने अकाल तख्त ने धार्मिक सजा सुनाई है। इसे मानते हुए सुखबीर बादल अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में सेवादार का कार्य कर रहे हैं। सुखबीर बादल को रसोई और शौचालय साफ करने की सजा दी गई है। मंगलवार सुबह सुखबीर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोकर और अन्य सेवाएं करके धार्मिक सजा की शुरुआत की।
बता दें, शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल को यह सजा 2015 के गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का पक्ष लेने के चलते अकाल तख्त ने सुनाई है। सजा के तौर पर उन्हें कई गुरुद्वारों में रसोई और शौचालय की सफाई करनी होगी। सुखबीर बादल ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में अपनी सजा की शुरुआत की। इस दौरान उनके गले में तख्ती लटकी है और हाथ में भाला है।