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विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि कतर में भारतीय राजदूत ने 3 दिसंबर को नौसेना के 8 पूर्व कर्मियों से मुलाकात की, जिन्हें अक्टूबर में वहां एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि मौत की सजा के खिलाफ अपील पर दो सुनवाई पहले ही हो चुकी है।
बागची ने कहा, ‘हम मामले पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और सभी कानूनी और राजनयिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमारे राजदूत को 3 दिसंबर को जेल में उन सभी 8 लोगों से मिलने दिया गया।’
भारतीय नागरिकों को पहले भी राजनयिक सहायता प्रदान की गई थी। नौसेना के पूर्व कर्मियों को 26 अक्टूबर को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने फैसले को ‘चौंकाने’ वाला करार देते हुए मामले में सभी कानूनी विकल्प तलाशने की प्रतिबद्धता जताई है। निजी कंपनी अल दाहरा के साथ काम करने वाले भारतीय नागरिकों को कथित जासूसी के एक मामले में पिछले साल अगस्त में गिरफ्तार किया गया था।