फलस्तीनी शरणार्थियों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की एक एजेंसी ने बुधवार को चेतावनी दी कि गाजा पट्टी में ईंधन की तत्काल आपूर्ति नहीं होने से उसे गाजा पट्टी में राहत अभियानों में तेजी से कटौती करनी होगी।
दो हफ्ते पहले हमास चरमपंथियों द्वारा इजराइल पर हवाई हमले के बाद से इजराइल ने गाजा पट्टी की नाकाबंदी कर रखी है और उस पर हवाई हमले कर रहा है। यह चेतावनी तब सामने आई है जबकि गाजा के अस्पताल संसाधनों की कमी के चलते, घायलों के इलाज के लिए संघर्ष कर रहे हैं और हमास शासित इस क्षेत्र में स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इजराइल ने बीती रात भी हवाई हमले किए, जिनसे मरने वालों की संख्या बढ़ रही है।
इजराइली सेना ने कहा कि उसके हमलों में उग्रवादी मारे गए और सुरंगों, कमांड सेंटरों, हथियार भंडारगृहों और अन्य सैन्य ठिकानों को नष्ट किया गया है। उसने हमास पर गाजा की नागरिक आबादी के बीच छिपने का आरोप लगाया है। युद्ध की शुरुआत से गाजा में रह रहे उग्रवादी इजराइल पर लगातार राकेट हमले कर रहे हैं। हमास द्वारा संचालित गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हवाई हमलों में सोमवार और मंगलवार को कम से कम 704 लोगों की मौत हुई जिनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं। ‘एपी’ स्वतंत्र तौर पर हमास द्वारा बताए गए मौत के आंकड़ों की पुष्टि नहीं करता।
फलस्तीनी शरणार्थियों से संबंधित संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी गाजा में मानवीय मदद मुहैया करा रही है। एजेंसी ने कहा है कि बुधवार रात तक ईंधन खत्म हो जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि वे बहुत कम ईंधन में काम चला रहे हैं और अगर ऐसा ही रहा तो उन्हें कामकाज में कटौती करनी पड़ सकती है।
एजेंसी की प्रवक्ता लिली एस्पोटियो ने कहा, “ईंधन के बिना हमारे ट्रक वितरण के लिए गाजा पट्टी में अन्य स्थानों पर नहीं जा सकते। हमें निर्णय लेना होगा कि हम कम ईंधन पर अपनी गतिविधियां जारी रखें या नहीं।”
इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि गाजा की आधे से अधिक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं और लगभग एक तिहाई अस्पतालों में काम बंद हो गया है। घायलों के इलाज में जुटे अस्पताल कर्मी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बुनियादी चिकित्सा संसाधन नहीं होने के कारण कई घायलों को जमीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा गंभीर मामलों की भरमार के चलते मरीजों को सर्जरी के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इजराइल के हमलों में 5,700 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें लगभग 2,300 नाबालिग हैं। इजराइली सरकार के अनुसार हमास के हमले में इजराइल में 1,400 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
हमास-फिलिस्तीनी इस्लामिक नेताओं के साथ हिजबुल्ला के नेता की वार्ता
लेबनान स्थित हिजबुल्ला समूह के नेता ने गाजा में जारी इजरायली हमलों के बीच हमास और फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद के वरिष्ठ नेताओं के साथ बुधवार को वार्ता की, जिसे इजरायल विरोधी तीन बड़े उग्रवादी समूहों की अहम बैठक माना जा रहा है।
बैठक के बाद संक्षिप्त बयान में बताया गया कि हिजबुल्ला के नेता हसन नसरुल्ला ने इस बात को लेकर हमास के सालेह अल अरौरी और इस्लामिक जिहाद के नेता जियाद अल नखलेह से सहमति जताई कि इन तीनों संगठनों और ईरान समर्थित अन्य उग्रवादियों को आगे क्या कदम उठाना चाहिए।
हिजबुल्ला और लेबनान के सरकारी मीडिया द्वारा प्रसारित बयान के अनुसार, तीनों संगठनों का मकसद गाजा और फिलिस्तीन में ‘एक वास्तविक जीत’ हासिल करना तथा गाजा एवं वेस्ट बैंक में ‘हमारे प्रताड़ित किए गए और दृढ़ लोगों के खिलाफ इजरायल की विश्वासघाती और क्रूर आक्रामकता’ को रोकना है। बैठक के बारे में और कोई जानकारी मुहैया नहीं कराई गई।
बेरूत में यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब इजरायल और गाजा पट्टी पर शासन करने वाले फिलिस्तीनी उग्रवादी समूह हमास के बीच युद्ध तीन सप्ताह से जारी है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली हमलों में 5,700 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें से 2,300 नाबालिग हैं। इजरायली सरकार के अनुसार, हमास के शुरुआती हमले में इजरायल में 1,400 लोगों की मौत हो गई। हिजबुल्ला का कहना है कि संघर्षों में उसके भी दर्जनों लड़ाके मारे गए है।