करार या बे-करार, 21 को

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 10:40 AM IST

संप्रग से चार सालों से अधिक के रिश्ते को समाप्त करते हुए वाम दलों ने परमाणु समझौते, मंहगाई और अन्य मुद्दों पर समर्थन वापसी का औपचारिक पत्र राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंप दिया।


इससे मनमोहन सरकार अल्पमत में आ गई है और उस पर बहुमत सिद्ध करने का दबाव बना हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, प्रणव मुखर्जी ने संकेत दिया है कि सरकार बहुमत साबित करने के लिए 21 जुलाई को सदन की विशेष बैठक बुला सकती है।

उधर, वामदलों के समर्थन वापस लिए जाने के चंद मिनट बाद ही समाजवादी पार्टी ने केंद्र सरकार को समर्थन दिए जाने से संबंधित एक ताजा पत्र राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपा है। हालांकि इसके बाद भी सरकार को बहुमत के लिए कुछ संसदों की दरकार पड़ेगी, जिसके लिए सरकार के रणनीतिकार हरसंभव उपाय कर रहे हैं। अब देखना है कि सरकार वह जादुई आंकड़ा जुटा पाती है या नहीं।

First Published : July 10, 2008 | 1:02 AM IST