सटोरिये भी लगा रहे सरकार पर दांव

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 10:42 AM IST

देश में चल रही राजनीतिक अनिश्चितता को भुनाने में अब सट्टेबाज भी जुट गए हैं। कांग्रेसनीत संप्रग सरकार सत्ता बचाने में कामयाब रहेगी या फिर उसे दिल्ली की गद्दी से हाथ धोना पड़ेगा।


इस बात को लेकर पिछले दो दिनों में तकरीबन 500 करोड़ रुपये का सट्टा लग चुका है। वैसे सट्टाबाजार की बयार की मानें तो सत्तासीन संप्रग सरकार गद्दी बचाने में सफल रहेगी। संप्रग सरकार के बचे रहने पर एक रुपये पर 30 पैसे का भाव चल रहा है। सट्टाबाजार को उम्मीद है कि कांग्रेस के प्रबंधक जरूरी 272 सदस्यों का ‘प्रबंध’ कर लेंगे।

सबसे ज्यादा सट्टा राजस्थान, गुजरात, नई दिल्ली, कानपुर, मध्य प्रदेश, कोलकाता, लखनऊ और उत्तर प्रदेश के दूसरे शहरों से लगाया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि विश्वासमत की तारीख तक लगभग 2,500 करोड़ रुपये का सट्टा लग सकता है। वामपंथी पार्टियों के समर्थन वापसी के बाद सरकार अल्पमत में आ गई है। हालांकि सपा के 39 सांसदों के समर्थन से सरकार को आस दिख रही है, लेकिन सपा को मिलाकर भी आंकड़ा 263 तक ही पहुंचता है जो कि जादुई आंकड़े से 9 कम है। ऐसे में कांग्रेस के रणनीतिकार कारगर गुणा-भाग में लगे हुए हैं।

हालांकि सट्टेबाज यही बात कह रहे हैं कि सरकार बमुश्किल 274 सांसद ही जुटा पाएगी। जो लोग इससे ज्यादा सीटों का अंदाजा लगा रहे हैं, उनको बढ़िया भाव दिया जा रहा है। 273 सांसदों के लिए 55 पैसे तो 274 के लिए 85 पैसे का भाव दिया जा रहा है। एक सट्टेबाज का कहना है कि यह आंकड़ा किसी भी सूरत में 280 को नहीं पार कर पाएगा। देश में चल रहा अवैध सट्टाबाजार वैसे तो क्रिकेट के भरोसे ही है, लेकिन इस बार राजनीति में भी ये चांदी काट रहे हैं।

आईएईए को सौंपे मसौदे का मामून

आईएईए भारत के असैनिक परमाणु ठिकानों पर नजर रखेगी
सैन्य परमाणु संयंत्र एजेंसी के दायरे में नहीं रहेंगे
चरणबद्ध तरीके से सैन्य और परमाणु संयंत्रों को अलग किया जाएगा
एजेंसी निगरानी इस तरह से रखेगी, ताकि भारत के तकनीकी विकास में कोई बाधा न आए
परमाणु ऊर्जा के लिए मिलने वाली सामग्री का उपयोग सैन्य कार्यों में नहीं किया जाएगा
भारत ईंधन का रणनीतिक भंडार बना सकता है
हर साल एजेंसी को बताना  होगा कि इसका सही उपयोग हो रहा है
असैनिक परमाणु ठिकानों के बारे में एजेंसी द्वारा कभी भी परमाणु ठिकानों की जानकारी मांगी जा सकती है

First Published : July 11, 2008 | 12:09 AM IST