सिंगुर में टाटा मोटर्स के नैनो संयंत्र के घेराव और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी के रुख से परेशान पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा कि वह काम में बाधा पहुंचाने के मकसद से किए जाने वाले घेराव और धरने के सख्त खिलाफ हैं और राज्य में ऐसा करने की इजाजत किसी को नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि बंद-घेराव पूरी तरह से गैर-कानूनी और अमानवीय है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े हुए हैं, जो बंद-घेराव में यकीन करती है, बावजूद इसके वह अब इसकी इजाजत नहीं देने का मन बना रहे हैं।
भट्टाचार्य का यह बयान पार्टी लाइन से अलग दिखता है, क्योंकि पिछले दिनों ही सीताराम येचुरी समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने महंगाई और विनिवेश के खिलाफ बंद का आह्वान किया था। भट्टाचार्य ने विपक्षी दल तृणमूल कांग्रेस की टाटा मोटर्स के नैनो परियोजना स्थल की 400 एकड़ भूमि वापस करने की मांग ठुकरा दी।
सरकार का कहना है कि ऐसा करने से राज्य में विश्व की सबसे सस्ती कार बनाने की योजना रद्द हो सकती है। दरअसल, धरना-प्रदर्शन से आहत टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने पिछले दिनों कहा था कि अगर सिंगुर में स्थिति नहीं सुधरती है, तो वह नैनो संयंत्र को वहां से हटा कर कहीं और ले जा सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि किसानों को 400 एकड़ जमीन वापस करने की मांग को लेकर ममता बनर्जी ने 24 अगस्त से टाटा मोटर्स संयंत्र का घेराव कर रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 400 एकड़ भूमि वापस नहीं कर सकती, क्योंकि ऐसी स्थिति में टाटा मोटर्स को नैनो परियोजना रद्द करनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जमीन वापस करना कानूनी तौर पर भी संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने बताया कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं और इस परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए पैकेज का प्रावधान भी किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वह नैनो परियोजना को लेकर आशान्वित हैं।
सिंगुर घटना से आहत मुख्यमंत्री ने पार्टी विचारधारा से इतर बंद-घेराव का किया विरोध
सरकार ने 400 एकड़ भूमि लौटाने की ममता की मांग ठुकराई
मुख्यमंत्री ने कहा, जमीन वापसी से नैनो परियोजना हो सकती है रद्द
मसला सुलझाने के लिए ममता बनर्जी से बातचीत को तैयार है सरकार
मैं 800 एकड़ जमीन दे देता : सान जिंदल
सिंगुर में तृणमूल कांग्रेस की ओर से किए जा रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच उद्योगपति सान जिंदल ने कहा कि अगर वे सिंगुर के किसानों की जगह होते, तो समस्या सुलझाने के लिए वे 800 एकड़ जमीन देने को तैयार हो जाते। बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं किसान का बेटा हूं, इसलिए उनकी भावनाओं को समझता हूं। गौरतलब है कि जिंदल पश्चिम बंगाल में 10 मिलियन टन (100 लाख टन) की क्षमता वाले स्टील संयंत्र लगा रहे हैं।