सेन्ट्रल विस्टा परियोजना:- कब, कैसे और क्यों

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:48 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज केंद्र सरकार की बहु प्रत्याशित परियोजना सेन्ट्रल विस्टा के पहले चरण का उद्घाटन किया जाएगा। इसमें इंडिया गेट के सामने राजपथ और उसके आस पास किये गए विकास कार्यो का उद्घाटन होगा। इसके तहत केन्द्र सरकार द्वारा इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन के बीच बने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है। प्रधानमंत्री आज नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। ग्रेनाइट से बनी यह प्रतिमा का वजन  65 मीट्रिक टन है, जिसका निर्माण मशहूर मूर्तिकार अरुण योगीराज ने किया है। आइए जानते हैं सेन्ट्रल विस्टा परियोजना के बारे में-
क्या है सेन्ट्रल विस्टा परियोजना

राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक के लगभग 3 किलोमीटर के क्षेत्र को सेन्ट्रल विस्टा कहा जाता है। इसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, रेल भवन, वायु भवन, कृषि भवन, उद्योग भवन, शास्त्री भवन, निर्माण भवन, नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, नेशनल म्यूजियम, विज्ञान भवन, रक्षा भवन, वाणिज्य भवन, हैदराबाद हाउस, जामनगर हाउस, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल आदि आते हैं। सरकार इसी क्षेत्र का पुनर्विकास कर रही है। इस पुनर्विकास परियोजना का नाम सेन्ट्रल विस्टा परियोजना रखा गया है।

क्या क्या बनेंगे
इस परियोजना के तहत सरकार इस क्षेत्र में कई नई इमारतें बनाएगी। उसके साथ साथ कई इमारतों तथा सड़को का पुनर्विकास भी होगा। इसमें सरकार नई इमारतें बना रही हैं जिसमें नया संसद भवन, उप राष्ट्रपति का आवास, प्रधानमंत्री आवास और एक नया केन्द्रीय सचिवालय बनेगा। इसके साथ साथ कई इमारतों को बदला भी जाएगा, जैसे नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक को नेशनल म्यूजियम में बदला जाएगा। इसके साथ साथ जामनगर हाउस को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में बदल दिया जाएगा।

कब तक पूरा होगा
सेन्ट्रल विस्टा परियोजना को कई चरणों में पूरा करने की योजना है। इसमें सेन्ट्रल विस्टा एवेन्यू पहले ही पूरा हो चुका है। नया संसद भवन नवंबर तक बन कर पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा केन्द्रीय सचिवालय अगले साल दिसंबर तक पूरा होगा जबकि उप राष्ट्रपति निवास जनवरी तक पूरा होने की संभावना है।

कितना खर्च
इस परियोजना का कुल खर्च लगभग 20,000 करोड़ है। लोकसभा में पूछे एक सवाल के जवाब में सरकार ने यह जानकारी दी थी कि इस परियोजना में अब तक कुल 477.28 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।नए संसद भवन पर 971 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि उप राष्ट्रपति भवन पर 208.48 करोड़ रुपये और केंद्रीय सचिवालय पर 3,690 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

First Published : September 8, 2022 | 5:49 PM IST