प्रॉपर्टी पर छाने लगे मंदी के बादल

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 5:42 AM IST

रिजर्व बैंक की ओर से रेपो रेट में चौथाई फीसदी बढ़ोतरी किए जाने से प्रॉपर्टी बाजार पर मंदी के काले बादल छाने लगे हैं।


डेवलपर्स और मकान के खरीदारों की परेशानी और बढ़ सकती है। प्रॉपर्टी डेवलपर्स पहले से ही ऊंची ब्याज दर, नकदी की कमी, खरीदारों की किल्लत आदि की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में रेपो रेट बढ़ने से उन्हें और ऊंची दरों पर कर्ज लेना पड़ सकता है, जो डेवलपर्स के लिए घाटे का सौदा साबित होगा।

रेलीगेयर सिक्यूरिटीज के विश्लेषक  सुमन मीमानी का कहना है कि नकदी की समस्या से जूझ रहे डेवलपर्स की प्रस्तावित योजनाओं पर कर्ज पर ब्याज दर बढ़ने से गहरा असर पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि होम लोन पर ब्याज दर बढ़ने से मकान खरीदने वालों को अब अधिक रकम चुकानी होगी, जबकि पहले से ही होम लोन पर ब्याज दर काफी ज्यादा है। ऐसे में नए खरीदार घर खरीदने की योजना को फिलहाल टाल सकते हैं। भारतीय स्टेट बैंक पहले ही कह चुका है कि उसके होम लोन वृद्धि दर में पहले से कहीं ज्यादा गिरावट आई है और दिसंबर 2007 तक इसमें 16 फीसदी की ही वृद्धि दर्ज की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 25 फीसदी की दर से बढ़ा था।

एंजल ब्रोकिंग के शैलेश कनानी का कहना है कि अगर ब्याज दर में और बढ़ोतरी होती है, तो डेवलपर्स को मकान बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बाजार सूत्रों के मुताबिक, डेवलपर्स आईसीडी (इंटर कॉरपोरेट डिपॉजिट) और एनसीडी (नॉन कन्वर्टेबल डिवेंचर) बाजार से धन की व्यवस्था करते हैं, जिसके एवज में उन्हें करीब 18 फीसदी की दर से ब्याज चुकाना पड़ता है। ऐसे में रेपो रेट बढ़ने से इसमें और वृद्धि की आशंका है।

मीमानी का कहना है कि नकदी की कमी के कारण अगर डेवलपर्स समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें खरीदारों को भारी पेनाल्टी देनी होगी। डेवलपर्स भी मानते हैं कि फिलहाल वे संकट के दौर से गुजर रहे हैं। ओमेक्स के एक्जिक्यूटिव डायरेक्टर विपिन अग्रवाल ने बताया कि नई खरीदारी में 20 से 30 फीसदी की गिरावट आई है।

ऐसे में अगर ब्याज दर बढ़ाई जाती है, तो हमारे लिए और मुश्किल बढ़ेगी। यूनिटेक के जनरल मैनेजर ए. नागार्जुन का कहना है कि रेपो रेट बढ़ने के बाद हम बैंकों के अगल कदम के बारे में विचार कर रहे हैं। अगर बैंक ब्याज दर बढ़ाता है, तो प्रॉपर्टी बाजार पर इसका प्रतिकूल असर पड़ेगा।

First Published : June 14, 2008 | 12:04 AM IST