नीतीश क हाथों में फिर से कमान, पीएम की दावेदारी से झाड़ा पल्ला

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:41 PM IST

बिहार में नीतीश कुमार ने बुधवार को आठवीं बार मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। बिहार के 243 सदस्यीय विधानसभा में नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के 45 सदस्य हैं। नीतीश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ छोड़ राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का हाथ थामा है। शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘2014 में जो (सत्ता में) आए, 2024 के आगे रह पाएंगे या नहीं वह अपना समझें। मैं चाहता हूं कि विपक्ष 2024 के लिए एकजुटता दिखाए।’ अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि विपक्ष के पास प्रधानमंत्री पद के लिए एक और उम्मीदवार हो गया है। हालांकि प्रधानमंत्री पद की उनकी महत्वाकांक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे किसी भी पद (प्रधानमंत्री) के लिए कोई दावेदार नहीं हूं।’ यह पूछे जाने पर कि क्या वे देश में अब विपक्ष की राजनीति को मजबूत करेंगे तब नीतीश ने कहा कि पूरे तौर पर करेंगे । उन्होंने कहा, ‘एक बार पहले भी हमने ऐसा किया था । हम चाहेंगे कि सभी लोग मिलकर पूरी तरह से मजबूत हों और सभी लोग आगे के लिये सब कुछ करें । कुछ लोगों को लगता है विपक्ष खत्म हो जाएगा तो हमलोग भी अब विपक्ष में आ गए हैं।’
राजद नेता तेजस्वी यादव ने उप मुख्यमंत्री पद के तौर पर शपथ ग्रहण किया। इससे पहले भी राजद-जदयू की सरकार के कार्यकाल के दौरान तेजस्वी उप मुख्यमंत्री थे। मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों के नाम की घोषणा अभी होनी है। नीतीश और तेजस्वी ने शपथ के बाद कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया।
भाकपा (माले) के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा, ‘हमने नई बिहार सरकार को बाहर से समर्थन देते हुए एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम की मांग की है।’
तेजस्वी की मां राबड़ी देवी ने शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ‘आपलोगों की वजह से तेजस्वी को यह पद मिला है। पहले की बातें भूल जाएं।’
बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा का कोई भी विधायक मौजूद नहीं था और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने कहा कि भाजपा को आमंत्रित नहीं किया गया था। मोदी को इस बात की भी आशंका है कि गठबंधन की यह सरकार कितने दिनों तक चलेगी। उन्होंने बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ‘मूलतः तेजस्वी यादव ही मुख्यमंत्री हैं और नीतीश कुमार इस सरकार का प्रमुख चेहरा भर हैं। राजद के पास 80 सीटें हैं और जदयू के पास 45-46 सीटें हैं। सबको पता है कि लालू यादव कैसे काम करते हैं। नीतीश कुमार सिर्फ दिखाने के लिए मुख्यमंत्री हैं, वास्तव में तेजस्वी ही मुख्यमंत्री हैं।’ सुशील मोदी ने कहा कि यह मतदाताओं के साथ धोखा है।
उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2020 में हमें नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मिला। हमने गठबंधन के लिए उत्साह देखा था जब नरेंद्र मोदी एक दिन में 3-4 रैलियों को संबोधित कर रहे थे। 2020 में जनादेश नरेंद्र मोदी के लिए था।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इंडियन ऑयल 2जी एथेनॉल रिफाइनरी का उद्घाटन करते हुए सीधे तौर पर अपने सहयोगी दल रहे जदयू पर निशाना साधने के बजाय कांग्रेस पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए कहा कि काले जादू में भरोसा करने वाले, कभी फिर से जनता का भरोसा नहीं जीत पाएंगे। मोदी ने महंगाई के विरोध में 5 अगस्त को काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन करने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए कहा, ‘कुछ लोग सोचते हैं कि काले कपड़े पहनने से उनकी निराशा और नकारात्मकता दूर हो सकती है, लेकिन वे नहीं जानते कि चाहे वे ऐसी किसी भी रणनीति का सहारा लें, लेकिन लोगों का विश्वास दोबारा नहीं जीत सकते।’

First Published : August 11, 2022 | 12:16 PM IST