टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का मुंबई के निकट आज एक कार दुर्घटना में निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे। दुर्घटना उस वक्त हुई जब मिस्त्री की कार मुंबई से सटे पालघर जिले में एक डिवाइडर से टकरा गई। मिस्त्री मर्सिडीज कार से अहमदाबाद से मुंबई लौट रहे थे।
पालघर जिले के पुलिस अधीक्षक बालासाहेब पाटिल ने कहा, ‘दुर्घटना अपराह्न लगभग सवा तीन बजे बजे हुई। मिस्त्री अहमदाबाद से मुंबई की ओर जा रहे थे। यह हादसा सूर्या नदी पर बने पुल पर हुआ।’ दुर्घटना में मिस्त्री और एक अन्य व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई तथा ड्राइवर समेत दो अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए गुजरात भेज दिया गया है। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय उद्योग जगत के साथ ही राजनीतिक हस्तियों ने भी टाटा समूह के पूर्व चेयरमैन को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए ट्वीट में कहा, ‘साइरस मिस्त्री का असामयिक निधन हैरान करने वाला है। वह अग्रणी उद्योगपति थे, जो भारत की आर्थिक शक्ति में विश्वास करते थे। उनका निधन वाणिज्य
और उद्योग जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।’
टाटा संस के चेयरमैन
एन चंद्रशेखरन ने कहा, ‘साइरस मिस्त्री के आकस्मिक और असामयिक निधन से मुझे गहरा दु:ख हुआ है। उनमें जीवन के प्रति जुनून था और यह वास्तव में दुखद है कि इतनी कम उम्र में उनका निधन हो गया।’
आरपीजी समूह के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा, ‘दुर्घटना में साइरस मिस्त्री के निधन की खबर सुनकर बहुत दु:ख हुआ। वह अच्छे मित्र, नेक इंसान और प्रतिभाशाली व्यक्ति थे। उन्होंने शापूरजी पलोनजी को वैश्विक निर्माण दिग्गज बनाने में अहम योगदान दिया था और टाटा समूह का भी नेतृत्व किया था।’ टाटा समूह के पूर्व अधिकारी और सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी में मार्केटिंग के प्राध्यापक निर्माल्य कुमार ने कहा, ‘एक अद्भुत व्यक्ति, जिन्हें जानने का मुझे सौभाग्य मिला। वह एक कुशल, विचारवान, कंपनी और परिवार के प्रति समर्पित तथा बेहद निष्ठावान व्यक्ति थे। वह बहुत जल्दी चले गए। जीवन वास्तव में क्रूर है!’
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, ‘साइरस मिस्त्री के आकस्मिक निधन से मैं स्तब्ध हूं। भारतीय उद्योग ने अपने एक चमकते सितारे को खो दिया है। भारत की प्रगति में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।’
103 अरब डॉलर राजस्व वाले टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस ने लंबी तलाश के बाद 2012 में कैथेड्रल ऐंड कैनन स्कूल तथा लंदन बिज़नेस स्कूल से पढ़ाई करने वाले मिस्त्री को समूह का चेयरमैन बनाया था। मिस्त्री परिवार के पास टाटा संस की 18.4 फीसदी हिस्सेदारी है। टाटा समूह की कमान संभालने के कुछ साल के अंदर ही रतन टाटा के साथ उनका विवाद हो गया। इसके बाद अक्टूबर 2016 में मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड से हटना पड़ा। टाटा और मिस्त्री का विवाद अदालत तक पहुंचा और 2021 में सर्वोच्च न्यायालय ने टाटा समूह के पक्ष में निर्णय दिया।
मिस्त्री की शादी रोहिका छागला से हुई थी। मिस्त्री के दो बेटे फिरोज और जहान हैं।