हवाई अड्डों पर निजी गार्डों की तैनाती

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 4:19 PM IST

देश के 50 हवाई अड्डों पर निजी एजेंसियों के तकरीबन 1,900 गार्ड तैनात किए जा रहे हैं। वे हवाई अड्डों पर मुख्य सुरक्षा कार्यों को छोड़ अन्य दायित्वों के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों का स्थान लेंगे। इससे हवाई अड्डों को मुनासिब दामों पर विश्वसनीय और पेशेवर रूप से सक्षम सुरक्षा मिल जाएगी।

विमानन सुरक्षा नियामक नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो ने मई में परिपत्र जारी किया था। हवाई अड्डों ने निजी सुरक्षा गार्डों की सेवाएं लेनी शुरू कर दी हैं। इनके कामों में प्रवेश एवं निकास द्वार पर यात्रियों को अलग-अलग भेजना, सुरक्षा क्षेत्र को नियं​​त्रित करना व इस क्षेत्र में दस्तावेज की जांच करना, आगंतुक कक्ष, महत्त्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा आदि शामिल हैं।

नागरिक उड्डयन ब्यूरो के संयुक्त महानिदेशक जयदीप प्रसाद ने कहा, ‘हमने हवाई अड्डों पर सीआईएसएफ के श्रमबल को यु​​क्तिसंगत बनाने के लिए त्रिआयामी दृष्टिकोण अपनाया है। हमने वास्तुशिल्प डिजाइन, तकनीकी हस्तक्षेप (मशीन पर सामान की जांच, सीसीटीवी आदि की स्थापना) और गैर-प्रमुख क्षेत्रों में बदलाव पर विचार किया।’

हवाई अड़्डों पर सीआईएसएफ के 1,900 जवानों को हटा दिया गया है। वहां सीआईएसएफ के 3,000 पदों को खत्म कर दिया गया है। अभी 65 हवाई अड्डों पर सीआईएसएफ  के 29,000 जवान तैनात हैं। प्रसाद ने कहा, ‘निजी सुरक्षा एजेंसियों को नागरिक उड्डयन ब्यूरो के स्वीकृत सुरक्षा कार्यक्रम से गुजरना होगा और उन्हें सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। सुरक्षा एजेंसियों को हमारे निर्धारित कानूनों और नियमों का पालन करना होगा।’ सीआईएसएफ के जवानों के मुकाबले निजी सुरक्षा गार्डों का वेतन कम है। उम्मीद है कि निजी सुरक्षा गार्डों की सेवाएं लेने से विमानन सुरक्षा खर्च घटेगा। अभी हवाई अड्डे सीआईएसएफ की सुरक्षा के खर्च को वहन करते हैं और इसे मुसाफिरों से विमानन सुरक्षा शुल्क के तौर पर वसूला जाता है। अभी घरेलू मुसाफिरों से विमानन सुरक्षा शुल्क 160 रुपये और विदेश से आने वाले मुसाफिरों से 12 डॉलर वसूले जाते हैं। सूत्र ने कहा कि निजी एजेंसी गार्ड की तैनाती से संबंधित लागत की हवाई अड्डों को प्रतिपूर्ति की जाएगी।

मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने कहा, ‘हवाई अड्डे के मुख्य क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रमुख रूप से सीआईएसएफ पर ही रहेगी। इनमें अपहरण विरोधी इंतजाम और ‘पैरीमीटर’ सुरक्षा शामिल है। उन्होंने कहा कि निजी एजेंसी के गार्डों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ही तैनात किया जा रहा है।

बेंगलूरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने कहा, ‘सीआईएसएफ के कमांड संचालन व उनके नियंत्रण के तहत निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मी रहेंगे। उन्हें सीआईएसएफ का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद तैनात किया जा रहा है।’ 

दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने बताया कि निजी सुरक्षा एजेंसी की सेवाएं ली गई हैं। उन्हें तैनात करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण ने निजी सुक्षा एजेंसियों को 46 हवाई अड्डों पर तैनात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

First Published : August 24, 2022 | 10:24 PM IST