Diwali 2022: कैसे करें पहचान, चांदी के नकली सिक्कों की?

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 1:32 PM IST

धनतेरस पर चांदी का सामान खरीदने का चलन बहुत पुराना है। महंगाई के कारण चांदी का सामान खरीदना तो अब सबके बस की बात नहीं हैं। इसलिए अधिकतर लोग अब चांदी का सिक्का खरीदने लगे हैं। अगर आप भी इस धनतेरस चांदी का सिक्का घर लाने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाएं। क्योंकि त्योहारी सीजन में नकली चांदी के सिक्कें धड़ल्ले से बाजार में बिक रहे हैं।  
जर्मन सिल्वर से ग्राहकों को मिल रहा धोखा

बाजार में धड़ल्ले से नकली चांदी बिक रही है। नकली और मिलावटी चांदी का कारोबार राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर जैसे शहरों में खूब फल-फूल रहा है। नकली चांदी के सिक्कों में चांदी की जगह पर 99 फीसदी तक गिलट या जर्मन सिल्वर मिला होता है। 
ऐसे बनता है जर्मन सिल्वर

तांबे, निकल और जस्ता को मिलाकर जर्मन सिल्वर बनाया जाता है। यह दिखने में बिल्कुल चांदी के जैसा होता है लेकिन इसमें तनीक भी चांदी नहीं होती है। इसके बाद इन नकली सिक्कों पर चांदी की परत चढ़ाकर बाजार में उतार दिया जाता है। एक किलो नकली चांदी के सिक्कें बनाने में करीब 800-1000 रुपये का खर्च आता है जबकि बाजार में इसे 55,000-57,000 रुपये किलो के भाव से बेचा जाता है।
ऐसे चेंक करें चांदी असली है या नकली ?

चांदी खरीदने से पहले चुंबक टेस्ट करना न भूलें। अगर चांदी चुंबक की तरफ आकर्षित होती है तो वह नकली है। 
पत्थर पर चांदी घिसने पर सफेद लाइन बनती है तो चांदी शुद्ध हैं। यदि पीली लाइन बनती है तो समझ लीजिए चांदी में मिलावट की गई है।
बर्फ टेस्ट से भी चांदी की शुद्धता की पहचान की जा सकती है, बर्फ के टुकड़े पर चांदी रखने पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलती है। 

First Published : October 19, 2022 | 2:59 PM IST