ईस्ट हो या वेस्ट, ‘दरियादिल सौदागर’ की रेल होगी दुनियाभर में बेस्ट

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 12:04 PM IST

सबको रेवड़ी बांटकर खुद को दरियादिल सौदागर कहने वाले रेल मंत्री लालू प्रसाद अब एक और करिश्मा करने के मूड में हैं।


इसी करिश्मे के बदौलत गर चलती ट्रेन में आपके पैसे खत्म हो जाएं तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ दिनों के बाद आप टे्रन में ही मौजूद एटीएम मशीनों से बेधड़क पैसे निकाल पाएंगे।

साथ ही, आप लंबे सफर के दौरान इंटरनेट सर्फ करते हुए अपना वक्त काट पाएंगे। इसके लिए आपको टे्रन में चौबीसों घंटों ब्रॉडबैंड की सुविधा मौजूद रहेगी। किसी स्टेशन पर पहुंचने में कितना वक्त लगेगा, इसकी जानकारी भी बर्थ के ऊपर लगे डिस्प्ले स्क्रीन देगा। मतलब, अब रेल अपना सदियों पुराना रूप छोड़ नए रंग में ढलने जा रही है। ढंग भी ऐसा, जिसे देखकर अमेरिकी और यूरोप की ट्रेन कंपनियां तक शरमा जाएं।

नई शुरुआत, नया रूप

भारतीय रेलवे की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी रेलटेल के जनरल मैनेजर (सेल्स एंड मार्केटिंग) अंशुल गुप्ता का कहना है कि, ‘हम टे्रनों में सफर को और भी मजेदार बनाने के लिए कई नई चीजों को ला रहे हैं। हम चलती टे्रन में ब्रॉडबैंड और ट्रिपल प्ले की सुविधा का करवाने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने बिानेस स्टैंडर्ड को बताया कि, ‘हम तो राजधानी और शताब्दी टे्रनों में इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत भी कर चुके हैं।

साल के अंत तक इस पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे हमारे पास आ जाएंगे। वैसे, इस सुविधा को लॉन्च करने में थोड़ा समय लग सकता है।’ उन्होंने यह बताने से साफ इनकार कर दिया कि इसे कब लॉन्च किया जाएगा। हालांकि, रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इसमें अभी डेढ़-दो साल का वक्त लग सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि, ‘इसके साथ-साथ हम टे्रनों में एटीएम मशीनों का भी टेस्ट कर रहे हैं। अभी हम कई सरकारी बैंकों से इस बारे में बात कर रहें हैं।

हालांकि, अभी इसमें कुछ दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन जल्दी ही हम इन दिक्कतों को दूर कर देंगे।’ उन्होंने कहा कि, ‘देखिए, एटीएम मशीनों के लिए सुरक्षा का भी तो ख्याल रखना ही पड़ता है। इसलिए हम इसे किसी ऐसी टे्रन में तो लगा नहीं सकते न, जहां कोई भी शख्स इसे तोड़कर पैसे लेकर रफ्फूचक्कर हो जाए।’ इसके अलावा, आपको इस बात की चिंता करने की नहीं रह जाएगी कि आप अपनी मंजिल तक कब पहुंच पाएंगे। यह बात तो आपकी बर्थ के ऊपर लगा डिस्प्ले बोर्ड ही आपको बता देगा, स्टेशन पर टे्रन के पहुंचने से पहले ही।

ऐसे होगा यह मुमकिन

गुप्ता का कहना है कि, ‘चलती ट्रेन में ब्रॉडबैंड की सुविधा अभी दुनिया के केवल चार मुल्कों में ही मौजूद है।’ तो कैसे होगा यह मुमकिन? बकौल गुप्ता, ‘इस काम में रेलवे की मदद करेगा मुल्क में 32000 किलोमीटर में फैला हमारी रेलटेल का ऑप्टिक फाइबर नेटवर्क। हमारे पास बैंडविथ की कोई कमी नहीं है। ब्रॉडबैंड और एटीएम की सुविधा के लिए हम वाइमैक्स तकनीक और सैटेलाइट का सहारा लेंगे।’

रेलगाड़ी में मौजूद रहेंगी एटीएम मशीनें
ब्रॉडबैंड के जरिये यात्री उठा सकेंगे इंटरनेट का लुत्फ

First Published : July 19, 2008 | 1:38 AM IST