Farmer Protest: सरकार ने दिया कुछ फसलों पर 5 साल के लिए MSP देने का ऑफर, फिलहाल जारी रहेगा आंदोलन

हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू और खनौरी में डटे हुए हैं, किसानों को राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।

Published by
बीएस वेब टीम   
Last Updated- February 20, 2024 | 6:59 AM IST

Farmer Protest: किसानों की मांग को लेकर रविवार को किसान नेताओं और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच चंडीगढ़ में बैठक हुई। इस बैठक में किसानों ने अपनी अन्य मांगों समेत फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी का मुद्दा सामने रखा।

बैठक के बाद आई जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार चार फसलों पर एमएसपी देने को तैयार हो गई। केंद्र सरकार की ओर से धान और गेहूं के अलावा मसूर, उड़द, मक्का और कपास की फसल पर भी एमएसपी देने का प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन इसके लिए किसानों को NCCF, NAFED और CCI से पांच साल का करार करना होगा।

किसानों ने सरकार के इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए समय लिया है। इस मुद्दे पर किसान 21 फरवरी से पहले सरकार को जवाब देंगे। वहीं,दूसरी तरफ किसान संगठनों ने अभी आंदोलन खत्म करने का ऐलान नहीं किया है। फिलहाल शंभू बॉर्डर और खनौली बॉर्डर पर डटे रहेंगे।

ये भी पढ़ें- Farmer Protest: किसान आंदोलन से उद्योग को रोजाना 500 करोड़ रुपये की लग रही चपत

सरकार के प्रस्ताव पर अपना फैसला बताएंगे किसान

केंद्र के इस प्रस्ताव पर किसान नेताओं का कहना है कि वे इस बारे में सभी किसान संगठनों से बात कर सोमवार को अपना फैसला बताएंगे। बता दें, करीब पांच घंटे चली बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि किसानों के साथ वार्ता सकारात्मक रही।

उन्होंने कहा कि सरकार ने सहकारी समितियों भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ मर्यादित (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (NAFED) को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर दालें खरीदने के लिए किसानों के साथ पांच साल का समझौता करने का प्रस्ताव दिया है।

ये भी पढ़ें- Farmer protest-trade: किसान आंदोलन की कारोबार पर पड़ सकती है मार, बढ़ सकते हैं सब्जियों के दाम

केंद्र के तीन मंत्रियों के साथ हुई किसान नेताओं की बैठक

केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और किसान नेताओं के साथ बैठक चंडीगढ़ में हुई। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बैठक में शामिल हुए। यह बैठक रात करीब साढ़े आठ बजे शुरू हुई थी। केंद्रीय मंत्रियों और किसान नेताओं के बीच इससे पहले 8 फरवरी, 12 फरवरी और 15 फरवरी को मुलाकात हुई, लेकिन बातचीत बेनतीजा रही थी।

बता दें, हजारों किसान अपनी मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा की सीमा पर शंभू और खनौरी में डटे हुए हैं और किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोकने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात हैं।

First Published : February 19, 2024 | 9:19 AM IST