दिल्ली में एक बार फिर से दीवाली से ठीक पहले पटाखों पर बैन लगाने का ऐलान हो गया है। दिल्ली सरकार ने ऐलान किया है कि 1 जनवरी 2023 तक पटाखों के स्टोरेज और मैन्युफैक्चरिंग पर पूरी तरह से बैन लगा दिया जाएगा। हालांकि अभी तक इस पर दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी यानी डीपीसीसी के आधिकारिक आदेश का इंतजार है। इस ऐलान के बाद पटाखा कारोबार से जुड़े व्यापारियों ने इसे लेकर चिंता जताई है।
ग्रीन पटाखों पर भी बैन
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली में लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए पिछले साल की तरह इस बार भी सभी तरह के पटाखों के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं पटाखों की ऑनलाइन सेल पर भी रोक लगा दी गई है।
लाखों कारोबारियों के सामने रोजगार का संकट
व्यापारियों का कहना है कि पिछले पांच सालों से दिल्ली में त्योहारों से ठीक पहले पटाखों पर पूरी तरह से बैन लगने से व्यापार में लगातार घाटा हो रहा है। दिल्ली में पटाखों के करीब 200 परमानेंट और 400 अस्थायी लाइसेंस धारक हैं। कुछ साल पहले तक दिल्ली पुलिस करीब हजार लाइसेंस जारी करती थी जो बैन के बाद से लगातार घट रहा है। असंगठित तौर पर लाखों लोगों का रोजगार पटाखा कारोबार से संबंधित है। राजधानी में करीब 1000 करोड़ रुपये का पटाखा कारोबार होता है।