फलों से शराब उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:35 PM IST

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार फलों से शराब के उत्पादन को बढ़ावा देगी। प्रदेश में पैदा होने वाले वाले फलों में से उपयोग के बाद बचने वाले 40 फीसदी का इस्तेमाल वाइन के उत्पादन में किया जा सकेगा। वाइन के उत्पादन के लिए प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर में इसकी इकाई की स्थापना को मंजूरी दी है। 
आबकारी विभाग ने केडी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को मुजफ्फरनगल में 54,446 लीटर सालाना उत्पादन क्षमता की इकाई की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी है। विभाग का कहना है कि इससे न केवल लोगों को रोजगार मिलेगी बल्कि ग्रामीण पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अपर मुख्य सचिव, आबकारी संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक प्रदेश में वाइनरीज उद्योग को बढ़ावा दिया जाएगा। 
उन्होंने बताया कि देश में उत्पादित फलों का 26 फीसदी फल का उत्पादन उत्तर प्रदेश में किया जाता है जो रैकिंग के हिसाब से देश में तीसरा स्थान रखता है। उत्तर प्रदेश में कुल 4.76 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर फलों की खेती की जाती है और 105.41 लाख टन फलों का सालाना उत्पादन किया जाता है। इन फलों में से 60 फीसदी फलों का सदुपयोग हो जाता है जबकि 40 फीसदी लगभग 42.15 लाख टन फल खराब हो जाते हैं जिनकी कीमत करीब 4216.40 करोड़ रुपये होती है। वाइनरी उद्योग की स्थापना से बचे हुए फलों का सदुपयोग किया जा सकेगा, जिससे किसानों के आय में वृद्धि होगी, रोजगार सृजन के अवसर मिलने के साथ ही सरकार के राजस्व में इजाफा होगा।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न भागों खासकर सब ट्रॉपिकल जोन, मैदानी  और बुन्देलखण्ड क्षेत्र में फलों का उत्पादन होता है। सहारनपुर, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत आदि जिलों में लीची, ग्राफ्टेड मैंगो अनानास, केला आदि फल पैदा किये जाते हैं।  

First Published : September 29, 2022 | 11:25 PM IST