डेटा संरक्षण विधेयक को सरकार ने लिया वापस

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:05 PM IST

निजी डेटा संरक्षण विधेयक पर संयुक्त समिति ने संसद में जो डेटा संरक्षण विधेयक पेश किया था। आईटी उद्योग ने उसकी आलोचना की थी।

इस विधेयक को 11 दिसंबर, 2019 को सदन में पेश किया गया था। इसके बाद इसे दोनों सदनों की संयुक्त समिति को भेज दिया गया था। समिति की रिपोर्ट 16 दिसंबर, 2021 को लोकसभा में पेश की गई थी। इसमें कुछ नियम पहले के  विधेयक से अलग थे। जिसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने तैयार किया था।
सरकार ने बुधवार को इस विधेयक को लोकसभा में वापस ले लिया और कहा कि वह नए कानून लेकर आएगी जो पूरी तरह कानूनी नियमों के अनुरूप होंगे।गूगल, मेटा और अमेजन जैसी कंपनियों ने भारत सरकार के विधेयक को वापस लेने के कदम की सराहना की।
करीब एक दर्जन उद्योग संगठनों ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर कहा था कि प्रस्तावित विधेयक को लागू करने का भारत के कारोबारी माहौल पर विपरीत असर पड़ेगा और विदेशी निवेश में भी कमी आएगी। भाषा

 
 
 
 

First Published : August 4, 2022 | 4:27 PM IST