गतिशक्ति पोर्टल के लिए तैयार हो रहे दिशानिर्देश

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:41 PM IST

उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना तकनीक मंत्रालय (मेइटी) मिलकर गतिशक्ति नैशनल मास्टर प्लान पोर्टल को सार्वजनिक करने के लिए दिशानिर्देशों को अंतिम रूप दे रहे हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को कहा, ‘अगले महीने इसे पेश किए जाने की उम्मीद है। इससे निजी कारोबारियों को पोर्टल तक पहुंच पाने में मदद मिलेगी, जिससे वे बुनियादी ढांचा परियोजनाएं लागू करने पर काम कर सकेंगे।’
इस समय केवल केंद्र सरकार के मंत्रालय, विभाग और राज्य पोर्टल तक पहुंच सकते हैं और समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं पर काम करने, तालमेल बिठाने, योजना बनाने और उन्हें लागू करने पर काम कर सकते हैं।
मास्टर प्लान में सभी मंत्रालयों में चल रही और भविष्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का समग्र एकीकृत डेटाबेस होगा। सभी मौजूदा और प्रस्तावित आर्थिक क्षेत्र पोर्टल पर होंगे और इसमें मल्टीमोडल कनेक्टिविटी के बुनियादी ढांचे का ब्योरा होगा। इसमें 2024-25 तक की योजनाओं का विस्तृत ब्योरा होगा। साथ ही 2014-15 तक के एकीकृत आंकड़ों के साथ 2020-21 तक की उपलब्धियां दर्ज होंगी।
निजी तौर पर इस्तेमाल करने वालों के लिए प्रोटोकॉल तैयार करना अहम है, क्योंकि यह ध्यान में रखना होगा कि आंकड़े राष्ट्रीय सुरक्षा के हिसाब से महत्त्वपूर्ण हैं। एक और अधिकारी ने कहा कि इस वजह से इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय को दिशानिर्देश पर काम करने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इसे सार्वजनिक किए जाने के बाद स्थल पर जाकर शुरुआती निरीक्षण करने की जरूरत खत्म हो जाएगी और इससे निवेश चक्र में कमी आएगी और उन्हें सूचना के मुताबिक फैसले करने में मदद मिलेगी। इसी तरह से निजी डेवलपर भी जानने को इच्छुक हो सकते हैं कि परियोजना किस स्तर पर है और उसकी क्या स्थिति है और कितने मंजूरियों की जरूरत है और कितनी मंजूरियां लंबित हैं।
डेलॉयट इंडिया में सरकार व सार्वजनिक सेवाओं के लीडर और पार्टनर अरिंदम गुहा ने कहा, ‘यह इस बात पर निर्भर होगा कि निजी निवेशकों के साथ किस तरह की सूचनाएं साझा की जा रही हैं और इसी के मुताबिक उन्हें गतिशक्ति पोर्टल से मदद मिल सकेगी कि वे निवेश में किन परियोजनाओं को प्राथमिकता दें और तेजी से निवेश के फैसले ले सकें। इससे निवेश चक्र को आगे और गति मिलेगी क्योंकि जब मंजूरिया, औद्योगिक पार्कों में भूमि आवंटन आदि ऑनलाइन होगा तो काम में तेजी आएगी।’
मास्टर प्लान एकीकृत योजना है, जिससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की बाधारहित आवाजाही सुनिश्चित होगी और इस राह में आने वाली बाधा दूर होगी। इससे क्षमता के कम उपयोग, योजना बनाने की राह के व्यवधान, विभिन्न मंजूरियां मिलने में देरी की समस्या खत्म होगी, जिससे भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र को जूझना पड़ता है।
सरकार के विभागों ने पहले ही प्रधानमंत्री गति शक्ति की डिजिटल तकनीक पहल का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है, जिससे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लागू करने में तेजी लाई जा सके।
पीएम गतिशक्ति में विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं जैसे भारतमाला, सागरमाला, आंतरिक जल मार्ग, ड्राई/लैंड पोर्ट्स, उड़ान को शामिल किया गया है। टेक्सटाइल क्लस्टर, फार्मास्यूटिकल क्लस्टर्स, रक्षा गलियारे, इलेक्ट्रॉनिक पार्कों, औद्योगिक गलियारों, फिशिंग क्लस्टर्स को इसमें शामिल किया गया है, जिससे कनेक्टिविटी में सुधार हो सके।

First Published : July 10, 2022 | 11:48 PM IST