विदेश में पढ़ाई करना चाहते हैं तो Education Loan से मिल सकता है फायदा, जानें कैसे

Published by
बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 2:26 PM IST

अगर आप विदेश में पढ़ाई करने के बारे में सोच रहे हैं पर वहां की फीस आपके इस सपने के बीच आ रही है तो चिंता न करिए आप एजुकेशन लोन लेकर अपना सपना साकार कर सकते हैं।

आईये एजुकेशन लोन से जुड़े फायदों को समझते हैं :

एजुकेशन लोन अमाउंट 1 लाख से 1 करोड़ तक हो सकता है। यह आपके study एरिया पर निर्भर करता है। कई बैंक भारत में पढ़ाई के लिए 50 लाख तक और विदेशों में पढ़ाई के लिए 1 करोड़ तक का स्टूडेंट लोन देते हैं। यह सुविधा बैंक द्वारा अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट को दी जाती है। 

हालांकि बैंक हर स्टूडेंट को स्टडी फीस का टोटल अमाउंट नहीं लोन पर देते हैं, लेकिन कुछ खास मामलों में 100% की फाइनेंसिंग की सुविधा भी मिल सकती है। बता दें, फाइनेंसिंग में जरूरी study मैटेरियल, जैसे- ट्रेवल, लैपटॉप जैसे जरूरी study मैटेरियल के खर्चे भी जुड़े होते हैं। 

एजुकेशन लोन के रीपेमेंट के लिए बैंक अच्छा समय भी देते हैं। जिससे ऐसे लोन की फ्लेक्सिबिलिटी भी बढ़ जाती है और लोग इसे एक बेहतर विकल्प के रूप में देखते हैं। बता दें, बैंक द्वारा कोर्स के पूरे होने के बाद 12 साल तक रीपेमेंट का समय दिया जाता है। इससे पढ़ाई के बाद पैसा जुटाने के लिए स्टूडेंट को काफी समय मिल जाता है। 

लोन के लिए ज़रूरी डॉक्युमेंट्स क्या होंगे:

आपको 10वीं और 12वीं क्लास  की मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट देना होगा। 
अपने कॉलेज और यूनिवर्सिटी का एडमिशन लैटर देना होगा। 
आपकी फीस स्ट्रक्चर की डिटेल्स देनी होगी। 
आपको एप्लिकेंट और को-एप्लिकेंट के KYC डाक्यूमेंट्स भी देने होंगे। 
आपको इनकम प्रूफ भी देना पढ़ सकता है। 

बैंक 4 लाख रुपए से कम के एजुकेशन लोन पर कोलैटरल नहीं मांगते। अगर आपका अमाउंट 4 लाख से 7.5 लाख रुपए तक का है तो आपको थर्ड पार्टी गारंटर की जरूरत पड़ेगी। वहीं अगर 7.5 लाख से ऊपर का लोन है तो ऐसे में आपको कोलैटरल ज़रूरी हो जाता है। बता दें, कोलैटरल एक ऐसा एसेट होता है जो कोई लेंडर किसी लोन के लिए सिक्योरिटी के रूप में स्वीकार करता है। 

आपको बता दें कि विदेश में पढ़ने के लिए लोन लेने के लिए इंश्योरेंस जरूरी होता है। एजुकेशन लोन लेने के फौरन बाद ही रीपेमेंट करना जरूरी नहीं होता। पढ़ाई पूरी होने के कुछ महीने या साल भर बाद आप रीपेमेंट शुरू कर सकते हैं। इतना ही नहीं कुछ खास केसेज में आप इसे 5 से 7 साल तक के लिए बढ़वा भी सकते हैं।

First Published : October 2, 2022 | 11:33 AM IST