चार राज्यों में संक्रम‍ण दर दो अंक के पार

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 5:47 PM IST

चार राज्यों में किए गए कोरोना परीक्षण में कम से कम दस फीसदी संक्रमित पाए गए। कोरोना संक्रमण दर बताने वाली स्वतंत्र संस्था कोविड19 भारत डॉट ओआरजी के अ​नुसार गोवा (12.7 फीसदी), पश्चिम बंगाल (13 फीसदी), मिजोरम (16.4 फीसदी) और केरल (17.6 फीसदी) में  संक्रमण दर दो अंकों के पार है। महाराष्ट्र इस सूची में पांचवें पायदान पर है जहां संक्रमण दर 8.5 फीसदी है। वहां पहले संक्रमण दर दो अंकों में थी।
कुछ राज्यों में संक्रमण दर दस फीसदी से कम है लेकिन बीते सप्ताह से वहां संक्रमण दर में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। असम में इस समयावधि में संक्रमण दर 5.7 फीसदी से बढकर 7.8 फीसदी हो गई जबकि अरुणाचल प्रदेश में संक्रम‍ण दर 2.7 फीसदी से बढ़कर 6.4 फीसदी पर आ गई।
पांच शीर्ष राज्यों में कोविड मामलों में औसत वृदि्ध 144.2 फीसदी दर्ज की गई जबकि यह पूरे देश में 13.8 फीसदी है। पिछले सप्ताह देश में यह वृदि्ध19.7 फीसदी थी।
कई राज्य संक्रमण दर में भले ही शीर्ष पांच राज्यों में नहीं हैं लेकिन वहां संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। यह विश्लेषण 16 राज्यों के आंकड़ों पर आधारित है जहां पिछले एक सप्ताह के दौरान कोविड के 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए। ओडिशा में रविवार को खत्म हुए सप्ताह में 1,279 मामले दर्ज किए गए जो एक सप्ताह पहले के मुकाबले तीन गुना है। पश्चिम बंगाल में भी कोरोना के मामले तीन गुना बढ़कर 9,513 हो गए। आंध्र प्रदेश, तमिललाडु और कर्नाटक में भी कोविड मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। 
पश्चिम बंगाल संक्रमण को रोकने के लिए कई कदम उठा रहा है। बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत के दौरान राज्य के स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप ने कहा कि हम संक्रमण को रोकने के लिए पहले ही परीक्षण के दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं।  हम सामूहिक संक्रमण को रोकने तथा जल्द से जल्द वायरस की नई किस्म की पहचान करने के लिए जीनोम सीक्वेंसिंग पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैंहमें लंबित टीकाकरण को भी जल्द से जल्द पूरा करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार सार्स-कोव-2 की नई किस्म रूप बदलने के कारण तेजी से संक्रमित करेगी और इसमें इम्युनिटी का प्रभाव भी कम दिखेगा। उदाहरण के तौर पर बीए.2.75, जो ओमिक्रोन बीए.2 का ही उप वंश है, परिवर्तित होकर जी446एस बना। इसपर अभी के वक्त उपलब्ध टीके भी बेअसर हैं। जिसके कारण टीके लगवा चुके लोगों पर भी खतरा बढ़ गया है। इसलिए वायरस की नई किस्म की जल्द से जल्द पहचान करना आवश्यक हो गया है। स्वरूप ने कहा कि पश्चिम बंगाल संक्रमित होने वाले वरिष्ठ नागरिकों का पता लगा रहा है ताकि उनका समय पर उचित उपचार किया जा सके। कोविड 19 टेलीमेडिसन भी राज्य सरकार की एक पहल है।
पूर्वोतर राज्य मिजोरम लगातार आरटी-पीसीआर परीक्षण में लगातार बढ़ोतरी कर रहा है।  बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत के दौरान राज्य के स्वास्थ्य सचिव  पी ई ललरुआटकिमी ने बताया कि मिजोरम हमेशा से उच्च संक्रमण दर वाला राज्य रहा है क्योंकि हम कोरोना के लक्षण वाले लोगों की जांच अधिक कर रहे हैं और रैंडम  टेस्ट से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जांच में पूरी पारदर्शिता बरतते हैं और कोई भी संख्या नहीं छुपाते। उन्होंने कहा कि हालांकि उच्च संक्रमण दर और कम जांच चिंता का विषय है जिसे हम सुधारने का प्रयास कर रहे हैं। मिजोरम के स्वास्थ्य मंत्री ने पिछले सप्ताह कोविड-19 की समीक्षा की थी और लोगों के बीच कोविड-19 के उचित व्यवहार के महत्त्व को बताने पर जोर दिया था।
महाराष्ट्र में आरटी-पीसीआर परीक्षण काफी तेजी से हो रहा है। राज्य के स्वास्थ्य सचिव प्रदीप व्यास ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया,’ यहां परीक्षण में आरटी-पीसीआर की हिस्सेदारी लगभग 70-80 प्रतिशत है। व्यास ने कहा, "महामारी फैल रही है। त्योहारों में अभी कुछ समय है और हम उस दौरान इसे फैलने से रोकने के लिए उचित कदम उठाएंगे।’
राज्य के मुंबई, पुणे, रायगड, पालघर सहित छह जिलों की उच्च संक्रमण दर वाले जिलों के रूप में पहचान की गई और जरूरी उपाय किए गए। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने महाराष्ट्र के सभी 36 नगर निकायों को वायरस की किसी भी नई किस्म का जल्द पता लगाने के लिए सीवेज वॉटर जीनोम सीक्वेंसिंग को तेज करने के लिए कहा है। राज्य में 1 जून से 18 जून के बीच परीक्षण किए गए अधिकांश नमूने बीए.2 के पाए गए  थे, जबकि बीए.5 और बीए.4 भी कुछ प्रतिशत भी पाए गए थे।
उच्च संक्रमण दर की रिपोर्ट करने वाले राज्यों में से महाराष्ट्र में बूस्टर खुराक देने के मामले में सबसे नीचे है।  बूस्टर डोज कुल जनसंख्या के 3.1 प्रतिशत को ही दी गई है। गोवा के लिए यह 4.5 फीसदी, पश्चिम बंगाल के लिए 4.1 फीसदी, मिजोरम के लिए 4.4 फीसदी और केरल के लिए 6 फीसदी है।
‘भारत में ओमिक्रोन के उपस्वरूप का सीमित प्रसार’
कोरोनावायरस के सबसे अधिक संक्रमणशील स्ट्रेन ओमिक्रोन के बीए.2 के उपस्वरूप बीए.2.75 का अध्ययन करने पर पाया गया है कि भारत में इसका सीमित प्रसार है । आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी और यह भी कहा कि अब तक इस उपस्वरूप के चलते बीमारी की गंभीरता एवं प्रसार में वृद्धि नहीं पायी गयी है । उन्होंने बताया कि सार्स-कोव-2 का फिलहाल चिंताजनक स्वरूप ओमिक्रोन वीओसी है तथा ऐसा देखा गया है कि वैश्विक स्तर पर बीए.2 ओमिक्रोन ने बीए.1 की जगह ले ली है। भारत में अध्ययन में पाया गया कि बीए.2.75 का सीमित प्रसार है तथा अबतक इस उपस्वरूप के चलते बीमारी की गंभीरता एवं प्रसार में वृद्धि नहीं पायी गयी है । चूंकि बीए.2 लगातार उभर रहा है , ऐसे में उसके उपस्वरूप भिन्न उत्परिवर्तनों के सेट के साथ अब विकसित हो रहे हैं। बीए.2.75 बीए.2 का समान उप स्वरूप है।

First Published : July 5, 2022 | 11:42 PM IST