हवाईअड्डों को पक्षियों से बचाने के निर्देश

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 6:07 PM IST

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने देश भर के हवाई अड्डों को अपनी वन्यजीव जोखिम प्रबंधन योजनाओं का आकलन करने का निर्देश दिया है। यह घटनाक्रम रविवार को इंडिगो और स्पाइसजेट विमानों से पक्षी टकराने की दो घटनाओं की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
विमानन नियामक ने कहा है कि मॉनसून के मौसम के दौरान हवाई अड्डों और उनके आसपास पक्षियों तथा जानवरों की गतिविधियां बढ़ जाती है और हवाई अड्डा क्षेत्र में उनकी आवाजाही से विमान परिचालन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है।
सभी हवाई अड्डों को भेजे गए पत्र में संयुक्त महानिदेशक मनीष कुमार ने उन कदमों को सूचीबद्ध किया है, जिन्हें पक्षियों के टकराने या जानवरों की घुसपैठ रोकने के लिए उठाया जाना जरूरी है। इन उपायों में घास की कटाई, कीटनाशकों का छिड़काव, हवाई पट्टी का बार-बार निरीक्षण, पक्षियों को भगाने वालों की तैनाती, नियमित रूप से कचरा निपटान आदि शामिल हैं।
हवाई अड्डों को पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक बुलाने और पक्षियों को आकर्षित करने वाले कूड़े का खुले में निपटान करने के स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई के लिए स्थानीय सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय करने के लिए भी कहा गया है।
विमान नियम 1937 किसी हवाई अड्डे से दस किलोमीटर के दायरे में जानवरों के वध और निपटान पर रोक लगाता है।

First Published : June 21, 2022 | 12:39 AM IST