International Literacy Day: फाइनेंशियल लिटरेसी है ज़रूरी

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 3:50 PM IST

आज यानी 8 सितंबर को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है। साक्षरता दिवस यानी Literacy Day को मनाने की शुरुआत हुई थी, समाज में शिक्षा के प्रचार प्रसार के लिए। लेकिन जब बात हो literacy की तो इसका एक मुख्य भाग है Financial literacy, जिसके बारे में आज हम आपको बता रहे हैं। 
 
क्या है Financial literacy
 
Financial literacy यानी वित्तीय साक्षरता, व्यक्तिगत financial management, budgeting और निवेश सहित कई financial skills को समझने और उसको प्रभावी ढंग से उपयोग करने की क्षमता को कहते हैं।  दुनियाभर में  Financial literacy की बात 100 साल से भी पहले से की जा रही है। लेकिन आज के समय में देखें तो शायद इसका महत्व हमें 2020 में आयी वैश्विक महामारी कोरोना के बाद समझ आया। जब संकट के चलते लोगों की नौकरियां गयी, कारोबार बंद हो गए तो आर्थिक समस्याओं से निपटना चुनौतीपूर्ण बन गया।

क्या है महत्व?

Financial Literacy and Education Commission के अनुसार, Financial literacy के पांच मुख्य आधार हैं- 

पैसे कमाना 

पैसे खर्च करना

पैसों की बचत करना 

पैसे निवेश करना

उधार को मैनेज करना

अगर हम इन बातों को ठीक से समझ लें और अपने जीवन में अपना लें तो हम भी Financially literate हो सकते हैं। आइए एक-एक करके इन सभी के बारे में बताते हैं- 

पैसे कमाना 

खर्च, बचत और निवेश, या फिर लेन-देन, इन सबसे पहले आता है की आप कितना कमाते हैं। कमाई हुई राशि में से अपनी जरूरत की कटौतियों को हटा कर net income निकालें। नेट income calculator करने के बाद ही आप पैसों के सही खर्च और निवेश का अनुमान लगा पाएंगे। 

खर्च करना

एक व्यक्तिगत बजट एक योजना होती है कि आप अपना पैसा कैसे खर्च करना चाहते हैं।  ये छोटी सी Planning आपके बड़े financial  लक्ष्यों को पूरा करने में बहुत मददगार साबित हो सकती है। एक मासिक बजट बनाने के लिए, आपको एक महीने के दौरान अपने खर्च को ट्रैक करना होगा, और फिर उसे कैटेगरी में बांटना होगा। ये उन लोगों के लिए मददगार होगा जो बिना सोचे समझे पैसे खर्च करते हैं और बाद में पछताते हैं।

बचत करना 

हर कोई जानता है कि पैसा बचाना बहुत ज़रूरी होता है, लेकिन बिना किसी financial aim के बचत करना मुश्किल है। आपका financial  aim आपकी स्थिति पर निर्भर करता है। लेकिन उसमे कुछ बातों का शामिल होना बेहद्द ज़रूरी है। जैसे emergency fund, retitement plan, बड़े खर्चे, personal loan आदि हैं।

financial experts कहते हैं कि emergency fund में कम से कम तीन महीनों के basic expenses जितनी राशि होनी चाहिए।

Retirement plan

Experts का कहना है अपने retirement के लिए आप जितनी जल्दी बचत करना शुरू करें उतना बेहतर है। ज़्यादातर experts retirement savings के लिए हर महीने take-home वेतन का कम से कम 10% बचाने का सुझाव देते हैं।

बड़े खर्चे

चाहे आप कार खरीदना चाहते हों या घर या फिर ग्रेजुएट स्कूल के लिए फीस भरना चाहते हों, जितनी जल्दी आप बचत करना शुरू करेंगे, आपको हर महीने उतना ही कम खर्च करना होगा। लेकिन भुगतान के समय आप बड़े भार से बच जायेंगे।

लोन

अक्सर लोगों पर किसी न किसी प्रकार का कर्ज होता है।  चाहे वह स्टूडेंट लोन हो, क्रेडिट कार्ड खर्च हो, या दोनों। अपने लोन पर ब्याज दरों की जाँच ज़रूर करें और समय पर (या समय से पहले) लोन का भुगतान करें।  जिससे आपको ब्याज में हजारों रुपयों की बचत हो सकती है।

उधार लेना पड़े तो क्या करें

बहुत बचत के बाद भी हो सकता है कि आपको घर या कार जैसे बड़े खर्च के लिए पैसे लेने पड़ सकते हैं। या हो सकता है किसी ने student loan या credit card loan ले रखा हो। उधार लेना कोई बुरी बात नहीं है – जब तक आप जानते हैं कि loan को कैसे चुकाना है और एक अच्छा credit score कैसे बनाए रखना है।

बता दें, आपका credit score जितना अधिक होगा, आपसे उतना ही कम ब्याज लिया जाएगा। अच्छा credit score होना भी आर्थिक रूप से साक्षर बनने के लिए ज़रूरी है।

आज जब हमारे अधिकतर काम digital platform पर होने लगे हैं ऐसे में बेहद ज़रूरी है कि हम financial मामलों में जानकारी बढ़ाएं और पैसों का सही निवेश करें और financial fraud से बचें।
 

First Published : September 8, 2022 | 10:21 AM IST