जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने नई पार्टी का ऐलान कर दिया है। उनकी पार्टी का नाम ‘डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी’ है। जम्मू में प्रेसवार्ता कर उन्होंने इस नाम की घोषणा की। गुलाम नबी आजाद ने पिछले महीने कांग्रेस से अपना पांच दशक से अधिक पुराना राजनीतिक नाता तोड़ लिया था।
गुलाम नबी आजाद ने अपनी नई पार्टी डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी का झंडा पेश किया है। उन्होंने कहा कि इस झंडे में तीन रंग है। पीला, सफेद और नाीला। पीला रंग रचनात्मकता और विविधता में एकता का संदेश देता है। सफेद रंग शांति और नीला रंग आजादी, खुला आसमान, कल्पना और समुद्र की गहराई से आकाश की ऊंचाइयों तक की सीमाओं को इंगित करता है।’
उन्होंने कहा कि पार्टी की विचारधारा उनके नाम की तरह होगी और इसमें सभी धर्मनिरपेक्ष लोग शामिल हो सकते हैं। वह पार्टी का एजेंडा भी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। इसमें जम्मू-कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना, भूमि व नौकरियों के अधिकार स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित करने के लिए संघर्ष जारी रखना आदि शामिल है।
मार्च 2022 में गुलाम नबी आजाद को पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से पद्मभूषण मिला। 1973 में गुलाम नबी आजाद ने डोडा जिले के भलेसा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के सचिव के रूप में राजनीति की शुरुआत की थी। इसके बाद उनकी सक्रियता और शैली को देखते हुए कांग्रेस ने उन्हें युवा कांग्रेस का अध्यक्ष पद देकर आगे बढाया।
उन्होंने महाराष्ट्र से 1980 में पहला संसदीय चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 1982 में उन्हें केंद्रीय मंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया था। डॉ. मनमोहन सिंह की कैबिनेट में उन्होंने देश के स्वास्थ्य मंत्री का पदभार संभाला था।