ताजा खबरें

LIC को फिर मिला नोटिस, इस बार आयकर विभाग ने लगाया 84 करोड़ का जुर्माना

LIC ने इस मामले में कहा है कि आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2012-13 के लिए कंपनी पर 12.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है।

Published by
बीएस वेब टीम   
Last Updated- October 04, 2023 | 9:57 AM IST

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को एक और नोटिस मिला है। इस बार एलआईसी को नोटिस भेदा है आयकर विभाग (Income Tax Department) ने। विभाग ने तीन ऑडिट ईयर्स के लिए 84 करोड़ रुपये के जुर्माने का नोटिस एलआईसी को भेजा है।

इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को यह जानकारी देते हुए कहा कि उसने वह इस आदेश के खिलाफ अपील करेगी। LIC (Life Insurance Corporation of India) ने इस मामले में कहा है कि आयकर विभाग ने आकलन वर्ष 2012-13 के लिए कंपनी पर 12.61 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं आकलन वर्ष 2018-19 के लिए 33.82 करोड़ रुपये और 2019-20 के लिए 37.58 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस तरह कुल मिलाकर 84 करोड़ रुपये जुर्माने की मांग की गई है।

ये भी पढ़ें- LIC एजेंटों की ग्रेच्युटी सीमा 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये हुई

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 271(1)(c) और 270A के तहत जुर्माना

बता दें, आयकर विभाग ने यह जुर्माना इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 271(1)(c) और 270A के तहत लगाया गया है। इस मामले में आयकर विभाग ने LIC को पेनल्टी नोटिस 29 सितंबर, 2023 को भेजा था,

LIC को 290 करोड़ का GST नोटिस

हाल ही में एलआईसी को एक और भारी-भरकम रकम का नोटिस GST प्राधिकरण की तरफ से मिला था। बिहार के GST प्राधिकरण से 290.50 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस एलआईसी को भेजा खा। यह नोटिस बिहार के अतिरिक्त राज्य कर आयुक्त (अपील), सेंट्रल डिवीजन, पटना ने जारी किया और ब्याज एवं जुर्माने के साथ GST का भुगतान करने की मांग की है।

ये भी पढ़ें- LIC को बिहार टैक्स अथॉरिटी ने जारी किया 290 करोड़ रुपये का GST बिल, बीमा कंपनी देगी चुनौती

इसके बारे में सूचना देते हुए LIC ने 22 सितंबर 2023 को शेयर बाजार बताया था कि वह इस नोटिस के खिलाफ GST अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष तय समय के अंदर अपील दायर करेगी।

GST अधिकारियों ने LIC पर बीमाधारकों से प्रीमियम अदायगी पर लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट को नहीं लौटाने समेत कुछ अन्य उल्लंघनों के आरोप लगाए हैं। टैक्स नोटिस, बिहार गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (BGST) और सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (CGST) एक्ट 2017 दोनों के सेक्शन 73(9) के तहत जारी हुआ है और ब्याज एवं जुर्माने के साथ GST का भुगतान करने की मांग की गई है।

First Published : October 4, 2023 | 9:55 AM IST