कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव के आज नतीजे आ गए हैं। पार्टी ने 84 फीसदी वोटों के साथ मल्लिकार्जुन खड़गे को अध्यक्ष चुना है। 24 साल बाद कांग्रेस का अध्यक्ष किसी गैर गांधी परिवार से है। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सोमवार को देशभर में कांग्रेस के 9 हजार से ज्यादा प्रतिनिधियों ने वोट डाला था।
हालांकि मतगणना के बीच अध्यक्ष पद के दावेदार रहे शशि थरूर की टीम ने कांग्रेस के प्रमुख चुनाव प्राधिकरण से चुनाव में धांधली का भी मुद्दा उठाया।
पार्टी के अध्यक्ष पद की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश में सिर्फ हमारी इकलौती पार्टी है जिसमें चुनाव और चुनाव आयोग होता है।
बता दें, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं समेत करीब 9500 डेलीगेट (निर्वाचक मंडल के सदस्यों) ने पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए सोमवार को मतदान किया था।
कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री ने बताया था कि करीब 96 प्रतिशत मतदान हुआ, हालांकि पूरे आंकड़े आने के बाद इसमें कुछ बदलाव हो सकता है। उन्होंने पार्टी के अध्यक्ष पद की मतदान प्रक्रिया पर संतोष जाहिर करते हुए इसे ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी’ बताया। मल्लिकार्जुन खरगे और शशि थरूर इस चुनाव में उम्मीदवार हैं। गांधी परिवार से करीबी और कई वरिष्ठ नेताओं के समर्थन के चलते खरगे की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।
मतदान से पहले सोनिया गांधी ने यहां संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा था, "मैं इस दिन का लंबे समय से इंतजार कर रही थी।" कांग्रेस के करीब 9900 डेलीगेट पार्टी प्रमुख चुनने के लिए मतदान करने के पात्र थे। कांग्रेस मुख्यालय समेत लगभग 68 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ।
कांग्रेस पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश के मुताबिक, अध्यक्ष पद के लिए अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं। इस बार पूरे 22 वर्षों के बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस चुनाव से 24 साल बाद गांधी परिवार के बाहर का कोई नेता देश की सबसे पुरानी पार्टी का अध्यक्ष चुना जाएगा। इससे पहले सीताराम केसरी गैर-गांधी अध्यक्ष रहे थे।