तृणमूल कांग्र्रेस की ओर से सिंगुर में टाटा मोटर्स के नैनो संयंत्र का घेराव और बंद के चलते कंपनी की कार परियोजना में काम प्रभावित हुआ।
सूत्रों के मुताबिक, अनुबंध पर काम करने वाले ज्यादातर श्रमिक काम पर नहीं आए। टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी अधिकारियों की उपस्थिति सामान्य है, लेकिन ठेके पर काम करने वाले श्रमिकों की उपस्थिति सामान्य से कम है।
उल्लेखनीय है कि इस परियोजना में कंपनी अपनी बहुप्रतीक्षित नैनो कार बना रही है और उसके सामने तय समयावधि को पूरा करने का पहले से ही बहुत दबाव है। कंपनी अपनी लखटकिया कार को अक्टूबर तक लाने का मन बना चुकी है, लेकिन काम में बाधा आने से परेशानी हो रही है।
उधर, सिंगुर में व्याप्त तनाव को देखते हुए टाटा मोटर्स के चेयरमैन रतन टाटा ने पिछले सप्ताह ही चेतावनी दे चुके हैं कि अगर हिंसा नहीं थमी, तो वे इस परियोजना को सिंगुर से हटा कर कहीं और ले जा सकते हैं।
ममता ने न्योता ठुकराया: इस बीच, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुध्ददेब भट्टाचार्य ने टाटा की नैनो परियोजना के लिए भूमि को लेकर चल रहे गतिरोध को दूर करने के प्रयास में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को एक और पत्र लिखा है।
पत्र में मुख्यमंत्री ने ममता से अपील की कि राज्य की छवि के हित में वह परियोजना को शीघ्र चालू कराने के लिए अपना आंदोलन वापस ले लें। उन्होंने इसके लिए ममता को बातचीत का न्योता भी दिया। हालांकि परियोजना स्थल के पास धरने पर बैठीं ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री के इस न्योते को ठुकरा दिया। उन्होंने अपनी हठ को दोहराते हुए कहा कि किसानों की जमीन को तत्काल लौटाया दिया जाए।