बुधवार को केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में रेल लैंड लीज में बदलाव को मंजूरी मिल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में रेल लैंड लीज की अवधि को बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। अब रेल लैंड लीज की अवधि 5 साल से बढ़ा कर 35 साल कर दी गई है। इसके अलावा रेलवे की लैंड लाइसेंस फीस यानी LLF में भी बड़ी कटौती की गई है।
लैंड लाइसेंस फीस जो कि पहले 6% थी उसे घटाकर 1.5% कर दिया गया है। इन बदलावों के साथ जमीन की बाजार कीमत पर अब 1.5 फीसदी लैंड लीज शुल्क लिया जा सकता है। ये कटौती सिर्फ रेलवे कार्गो से संबंधित कंपनियों के लिए ही की गई है। यानि घटी दरों का लाभ सिर्फ कार्गो से जुड़ी कंपनियों को ही मिलेगा।
बनेंगे 300 गति शक्ति कार्गो टर्मिनल
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अनुसार, पीएम गति शक्ति फ्रेमवर्क को लागू करने के लिए रेलवे की लैंड लीज में बदलाव किए गए हैं। इसके तहत आने वाले 5 सालों में 300 से ज्यादा पीएम गति शक्ति टर्मिनल बनाए जाएंगे। इन 300 टर्मिनल को बनाने से करीब 1.25 लाख रोजगार के मौके भी उपलब्ध होंगे।
पीपीपी (यानि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के आधार पर स्कूल और हॉस्पिटल बनाने के लिए इन जमीन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए 1 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से चार्ज लिया जाएगा। इसके साथ ही सोलर प्लांट बनाने के लिए भी कम कीमत पर जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।
रेल लैंड लीज के साथ ही कैबिनेट की बैठक में ‘प्रधानमंत्री श्री योजना’ को भी मंजूरी मिल गई है। 2022 से 2027 तक करीब 27 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14,597 स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने का भी काम किया जाएगा।